सारदा घोटाला: राजीव कुमार, पूर्व TMC सांसद से CBI ने की 12 घंटे पूछताछ


By Kesarianews :11-02-2019 06:52


सीबीआई ने सारदा चिटफंड घोटाले को लेकर पूर्व टीएमसी सांसद कुणाल घोष और कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को आमने-सामने बैठाकर करीब 12 घंटे पूछताछ की। राजीव कुमार से पूछताछ का यह दूसरा दिन था। इससे पहले शनिवार को भी सीबीआई ने राजीव से करीब 7 घंटे पूछताछ की थी। रविवार को दोनों से सारदा चिटफंड स्कैम और रोज वैली स्कैम को लेकर पूछताछ की गई।  राजीव कुमार से सुबह 10:30 बजे शुरू हुई पूछताछ करीब 12 घंटे बाद रविवार देर रात को खत्म हुई। दोनों मामलों की जांच कर रही एक दो सदस्यीय सीबीआई टीम दोपहर बाद शिलॉन्ग पहुंची। इससे पहले इन दोनों से सीबीआई की एक 10 सदस्यीय टीम पूछताछ कर रही थी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को राजीव कुमार से सबूतों को कथित तौर पर नष्ट करने में उनकी भूमिका पर सवाल किए गए थे। 
बता दें कि सारदा चिटफंड स्कैम की जांच सीबीआई के पास जाने से पहले बतौर एसआईटी चीफ राजीव कुमार की निगरानी में चल रही थी। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घोटाले की जांच के लिए राजीव कुमार की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। 

राजीव की थी मांग, पूछताछ की हो विडियो रिकॉर्डिंग 
दिल्ली में सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि राजीव कुमार ने मांग की थी कि उनके बयानों की विडियो रिकॉर्डिंग की जाए। हालांकि सीबीआई ने उनकी यह मांग नहीं मानी। ऐसा हिरासत में लेकर की गई पूछताछ के दौरान होता है। कुछ रिपोर्ट्स में राजीव कुमार के वकील के हवाले से दावा किया जा रहा था कि सीबीआई राजीव कुमार के बयानों की विडियो रिकॉर्डिंग भी कर रही है। 

जांच को करीब से देख रहे एक सीबीआई अधिकारी ने नाम ना जाहिर करने की शर्त पर बताया, 'दोनों को दोपहर बाद आमने-सामने बैठाकर लंबी पूछताछ की गई। इससे पहले दोनों से काफी देर अलग-अलग पूछताछ चली थी।' 

2016 से जमानत पर बाहर हैं कुणाल घोष
पूर्व टीएमसी सांसद कुणाल घोष को 2013 में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने जून 2014 में सीबीआई को एक 94 पेज का लेटर भेजा था जिसमें सारदा घोटाले में बंगाल सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। वह 2016 से जमानत पर बाहर हैं। घोष ने ही घोटाले में बीजेपी नेता (तब टीएमसी के कद्दावर नेता) मुकुल रॉय और 12 अन्य लोगों का नाम लिया था। 

बता दें कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया था कि सारदा चिटफंड घोटाले की एसआईटी जांच के अगुवा रहे कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ की और उन्होंने सीबीआई को जो दस्तावेज सौंपे, उनमें से कुछ में 'छेड़छाड़' की गई थी। शीर्ष अदालत ने 'सभी अनावश्यक विवादों से बचने के लिए' कुमार को तटस्थ स्थान शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। 

Source:Agency

 
 
 

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