नई दिल्ली: प्रमोटर्स कंपनी के फाउंडर या कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर्स होते हैं। जिन कंपनियों में प्रमोटर्स की ज्यादा हिस्सेदारी होती है, उन्हें निवेश के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में कई प्रमोटर्स ने कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। StockEdge के आंकड़ों के मुताबिक टाटा मोटर्स, इंडिगो, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, अंबुजा सीमेंट्स, पतंजलि फूड्स, मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज, पंजाब नेशनल बैंक, आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में प्रमोटर्स ने दूसरी तिमाही में अपनी हिस्सेदारी में कटौती की है।
गौतम अडानी ने इन दो कंपनियों में कम कर दी हिस्सेदारी, कहीं आपके पास भी तो नहीं है शेयर?

