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दिल्ली 23/अगस्त/2019
भारत की प्रमुख बैंकों में से एक यूनियन बैंक ने शुक्रवार को घर/आवास और गाड़ी/वाहन के लिए ऋण/कर्ज को रेपो दर से जोड़ने की घोषणा की है। इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और सात अन्य सार्वजनिक बैंक अपने नए कर्ज और जमा को रेपो दर से जोड़ने की घोषणा कर चुके हैं।
बैंक ने कहा कि वह 30 लाख रुपये से ऊपर और 75 लाख रुपये से कम के आवास ऋण को रेपो दर से जोड़ेगा। अच्छी ऋण साख (cibil स्कोर) वाले ग्राहकों के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत होगी। अच्छी ऋण साख वाले ग्राहकों को 8.60 प्रतिशत की ब्याज से वाहन के लिए कर्ज मिलेगा।
बैंक ने कहा कि रेपो दर आधारित आवास ऋण मौजूदा आवास कर्ज की तुलना में 0.35 प्रतिशत सस्ता है, जबकि रेपो आधारित वाहन ऋण मौजूदा कर्ज से 0.40 प्रतिशत सस्ता होगा।
तो वहीं दूसरी ओर, सरकार ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिय्रे शुक्रवार को कई उपायों की घोषणा की। सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों और घरेलू निवेशकों की शेयरों की खरीद – फरोख्त से होने वाली कमाई/आय पर ऊंचे कर ,अधिभार को वापस ले लिया और इस मामले में पुरानी स्थिति बहाल कर दी।
इसके अलावा स्टार्टअप कंपनियों को एंजल कर से छूट ,मुश्किल में फंसे वाहन उद्योग के लिए राहत उपाय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की अग्रिम पूंजी डालने की घोषणा की। इससे बैंक अधिक मात्रा में नकदी उपलब्ध करा सकेंगे।
भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल इन उपायों की घोषणा खासतौर पर बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि मांग बढ़ाने के लिए बैंकों ने घर और वाहन के लिए कर्ज पर ब्याज दर घटाने का फैसला किया है। इससे आम आदमी के विभिन्न कर्ज की मासिक किस्त (EMI) में कमी आएगी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए , उनके अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के अंदर करने को कहा है। इसके अलावा , सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरू में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डाली जायेगी। इससे बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम होंगे। रीयल एस्टेट क्षेत्र में सुधार के लिए आवास वित्त कंपनियों को अतिरिक्त नकदी सहायता बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये की गई।
साभार मीडिया रिपोर्ट्स

