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बैकडोर एंट्री के लिए चल गई फाइल!

विवादित बेलवाल को आजीविका मिशन का सीईओ बनाने की तैयारी,संविदा के सहारे जुगाड़ की नियुक्ति के लिए प्रमुख सचिव कार्यालय से चली फाइल…

केसरिया एक्सपोज़@sms

28/मई/2020

अमित सोनी….भोपाल

कोरोना काल में दागी अफसरों को मलाईदार पद पर बैठाने के रास्ते सराकार ने खोल दिए हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सीईओ के पद पर सीधे किसी आईएएस अफसर को बैठाने की बजाए संविदा नियुक्ति करने की तैयारी की जा रही है। सीईओ पद के लिए विवादों में रहे रिटायर्ड अफसर एलएम बेलवाल की संविदा नियुक्ति की फाइल को पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के प्रमुख सचिव कार्यालय ने आगे बढ़ा दिया है।


रिटायर्ड अफसर के खिलाफ पंचायत एवं ग्रामीण विभाग को पूर्व में शिकायत की गई थी जिसमें उच्च अधिकारियों के निर्देशों को ताक पर रखकर 6 करोड़ रुपए की वित्तिय अनियिमिताओं का आरोप लगाया गया।
जिसके संबंध में विभाग के अवर सचिव ने जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए थे।

एलएम बेलवाल पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा गंभीर अनियमित्ताएं किए जाने के कारण २२ जनवरी 2020 को नोटिस भी जारी किया गया था। अब ग्रामीण विकास विभाग से जबरदस्ती इन्हें पुन: संविदा पर लिए जाने की फाइल बनवा कर मंगवाई गई है।

नियुक्ति पर विवादों का ग्रहण कम!

विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बेलवाल की नियुक्ति को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने सविंदा नियुक्ति के लिए फाइल मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को भेजी है। नियुक्ति को लेकर अभी मुख्य सचिव ने कोई निर्णय नहीं लिया है। लेकिन मंत्रालय के गलियारों में चर्चा है कि रिटायर्ड बेलवाल और मुख्य सचिव के संबंध याराना हैं, ऐसे में बेलवाल की नियुक्ति पर विवादों का ग्रहण कम लगता दिखाई दे रहा है।

बेलवाल पर यह लगते रहे आरोप…

●विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी का चुनाव में भरपूर साथ दिया गया। आजीविका मिशन से जुड़ी 32 लाख महिलाओं को भाजपा को वोट देने के लिए दबाव बनाने का अरोप लगा । अब कुछ अधिकारियों का मानना है कि राज्य में फिर मध्यावधि चुनाव होने हैं,ऐसे में वर्तमान सरकार फिर इनका उपयोग कर चुनाव में फायदा लेना चाहती है।

●आदर्श आचार संहिता लगने के बाद जबलपुर जिला मुख्यालय से दूर बरगी बांध स्थित मेकल रिसॉर्ट में एक गोपनीय मीटिंग रखी गई जिसमें जबलपुर में स्व सहायता समूहों के गांव में संगठन के सदस्यों को डाक से भाजपा की किट(चुनाव प्रचार सामग्री) भेजने की योजना बनाई गई।

●नियमों को ताक पर रख छठवें वेतनमान का एक उच्चतर वेतमान लागू कर स्वयं एवं अपने विश्वसनीय अधिकारियों को 30 हजार रुपए प्रतिमाह का अतिरिक्त लाभ देकर शासन को छह करोड़ रुपए का चूना लगाया।


●पूर्व में राज्य के 530 गांव में आजिविका मिशन के तहत चलाई जा रही गतिविधियों को बेरोजगार विहिन बताकर मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी गई।

●मिशन की वेबसाइट पर कुल 1 लाख 4 हजार 797 समूह का गठन मिशन द्वारा बताया गया जबकि 13 हजार 637 के ही बैंक खाते खोले जाने की जानकारी बताई गई।


●वर्षभर ज्यादातर एक ही प्रकार के औचित्यपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अनावश्यक रूप से जनता का पैसा दुरुपयोग किए जाने का भी आरोप लगा है।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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