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पीएम मोदी ने अधिकारियों के सामने शिवपुरी की आदिवासी महिलाओं से पूछा आवास को लेकर सवाल, जवाब की हो रही चर्चा

शिवपुरी: एमपी के शिवपुरी जिले की ललिता और विद्या आदिवासी को एक बार फिर पीएम मोदी से मिलने का मौका मिला है, इन्होंने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की थी। यह मुलाकात बिहार के जमुई में बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने ललिता और विद्या को पहचानते हुए उनके गांव में बने पीएम आवास योजना के तहत बने घरों के बारे में पूछा।

पीएम मोदी ने ललिता और विद्या से पूछा कि कैसी हो ललिता और विद्या? आपके गांव में कितने आवास बन गए? इस पर ललिता ने बताया कि उनके गांव में अब तक सौ आवास बन चुके हैं और एक कॉलोनी भी विकसित की गई है। दोनों महिलाओं ने पीएम मोदी को पक्का घर मुहैया कराने के लिए धन्यवाद दिया।

पिछले साल बताई थी अपनी परेशानी

यह वाकया पिछले साल जनवरी में हुए उस मामले की याद दिलाता है जब ललिता और विद्या ने पीएम मोदी से वीडियो कॉल पर बात की थी। उस समय शिवपुरी के हातोद गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने वर्चुअली जुड़कर ललिता और विद्या से बात की थी। हातोद की रहने वाली विद्या ने पीएम मोदी को अपने गांव में आवास की कमी और बारिश के मौसम में आने वाली परेशानियों के बारे में बताया था।

पीएम मोदी से किया था आग्रह

ललिता ने पीएम मोदी से आग्रह किया था कि जिस तरह हातोद में आवास कॉलोनी बनाई जा रही है, उसी तरह उनके गांव बुढ्दा में भी आवास बनाए जाएं। इसके बाद जिला प्रशासन ने तेजी से काम करते हुए पीएम आवास योजना के तहत ललिता के गांव बुढ्दा में भी आवास कॉलोनी का निर्माण कराया।

शिवपुरी में 32 हजार से ज्यादा आवास स्वीकृत

शिवपुरी जिले की बात करें तो यहां पीएम आवास योजना के तहत 32 हजार से ज्यादा आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 7000 आवास सहरिया आदिवासी समुदाय के लिए बनाए गए हैं। जिले में एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर पीएम आवास योजना के तहत कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। सहरिया आदिवासी समुदाय के लिए सबसे ज्यादा पीएम आवास बनाने के मामले में शिवपुरी जिला पूरे देश में पहले पायदान पर है।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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