डुमना एयरपोर्ट की खूबसूरत इमारत 10 मार्च को जनता के लिए खुल जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब से कुछ देर में जबलपुर एयरपोर्ट का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली रूप से इसका शुभारंभ किया। जबलपुर के साथ देशभर के 17 एयरपोर्ट में वर्चुअली जुड़कर लोकार्पण और शिलान्यास के कार्यक्रम हुआ। स्थानीय स्तर पर एयरपोर्ट प्रबंधन ने कार्यक्रम का आयोजन किया।
जबलपुर एयरपोर्ट के कार्यक्रम में मप्र के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ मप्र के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा तथा सुमित्रा वाल्मीकि मौजूद रहे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 9,811 करोड़ की लागत से अन्य हवाई अड्डे परियोजना का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े, जबकि केन्द्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में मौजूद रहे। सीएम डॉ मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी ग्वालियर में मौजूद थे।
एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां विमान कम्पनियाें के लिए जहां छह से आठ काउंटर्स हैं, वहीं टर्मिनल के भीतर ही अन्य सुविधाएं भी मौजूद हैं। डुमना एयरपोर्ट के आधुनिक टर्मिनल भवन में इंडोनेशिया से लाए गए दो एयरोब्रिज इंस्टॉल किए गए है। यहां पर अब पैसेंजर को टर्मिनल भवन से विमान तक बस से नहीं पहुंचना होगा। टर्मिनल भवन से सीधे एयरोब्रिज के जरिए विमान के भीतर पैसेंजर दाखिल हो जाएंगे। यहां का रनवे प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा रनवे है। ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही यहां से और भी फ्लाइट्स शुरू हो सकती है।
स्पाइस जेट द्वारा एक मार्च से जबलपुर एयरपोर्ट से दिल्ली और मुंबई के लिए सीधी उड़ाने शुरू की गई है। तीन विमान सेवा जो मुंबई के लिए बंद हो गई थी वह 28 मार्च से एक बार फिर प्रारंभ हो रही है। इसके अलावा 12 मार्च से जबलपुर से जगदलपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। एयरपोर्ट के प्रभारी डायरेक्टर व्हीके सूरी ने बताया कि प्रधानमंत्री की उड़ान योजना के तहत आरसीएस विमान सेवा है। यह जगदलपुर से सुबह करीब 11.50 बजे जबलपुर आएगी। ऐसा माना जा रहा है कि इन फ्लाइट्स के शुरू होने के बाद स्पाइस द्वारा पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई के लिए भी उड़ाने शुरू की जा सकती है। हालांकि इसमें थोड़ा वक्त लगेगा।
घने कोहरे और बारिश के दौरान विमान डुमना एयरपोर्ट पर लैंडिंग और टैकऑफ के लिए एयरपोर्ट पर थ्री केटेगिरी का इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आइएलएस) सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया। यह आईएलएस इंक्यूपमेन्ट सिस्टम सीधे विमान से कनेक्ट होगा और 800 मीटर की विजीबलटी में भी पायलट को संकेत भेज रनवे पर विमान लेंड करवाने में पायलट की मदद करेगा। डीजीसीए से मार्च के आखिरी सप्ताह तक इसके संचालन के लिए हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

