बिलासपुर। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 1996 में भाजपा ने नए चेहरे पुन्नूलाल मोहले को टिकट दिया था। वे भाजपा के भरोसे पर खरे उतरे और पहली बार सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने यहां से लगातार चार बार सांसद का चुनाव जीता।
मुंगेली विधानसभा के विधायक व पूर्व मंत्री मोहले बताते हैं कि वर्ष 1996 में जब उनको भाजपा ने टिकट दिया, तब वे अपने गृहग्राम दशरंगपुर में बच्चों के साथ थे। दोपहर का समय था। बिलासपुर से भाजपा के पदाधिकारियों का संदेश लेकर जिला भाजपा के एक पदाधिकारी गांव पहुंचे थे। तब उनको यही संदेश दिया गया था कि पार्टी कार्यालय में तत्काल बुलाया है।
जैसे ही जीप से उतरा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गले लगा लिया। तब पता चला कि भाजपा आलाकमान ने नई जिम्मेदारी दे दी है। तब मैंने इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया और चुनाव मैदान में उतर गया। कार्यकर्ताओं के दम पर आज तक भाजपा बिलासपुर लोकसभा चुनाव जीतते आ रही है। आजादी के बाद से बिलासपुर सीट के लिए 10 बार लोकसभा का चुनाव संपन्न हुआ था।
इसमें बमुश्किल दो बार भाजपा व एक बार लोकदल के उम्मीदवार के रूप में निरंजन प्रसाद केशरवानी चुनाव जीतने में सफल हुए थे। शेष सात चुनाव के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में गए थे। वर्ष 1996 के चुनाव में भाजपा ने नए चेहरे पर दांव खेलते हुए जरहागांव के विधायक मोहले को चुनाव मैदान में उतारा था।
जरहागांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक के पद पर निर्वाचित होने के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में तब सक्रिय थे। यह वह दौर था, जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन नहीं हुआ था।
विधानसभा, लोकसभा में जीत की हैट्रिक
जरहागांव विधानसभा क्षेत्र से मोहले ने लगातार तीन बार जीत दर्ज की। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र से लगातार चार बार जीत का कीर्तिमान बनाया है। विधानसभा और लोकसभा में हैट्रिक बनाने वाले मोहले प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं।
भाजपा के भरोसे पर खरे उतरे थे पुन्नूलाल मोहले, लगातार चार बार बन चुके सांसद

