Site icon Kesaria News

मप्र के जनता से जुड़े सरकारी विभागों मे संविदा प्राप्त अपात्र प्रभारियों का संज्ञान ले चुनाव आयोग!

मप्र मे निष्पक्ष चुनावों के मद्देनज़र निर्वाचन आयोग हुआ सक्रिय…मप्र के जनता से जुड़े सरकारी विभागों मे संविदा प्राप्त अपात्र प्रभारियों,अधिकारीयों का संज्ञान ले चुनाव आयोग!

भोपाल,मप्र    12/अक्टूबर/2023

शैलेन्द्र मिश्रा शैली- 9425030127

मप्र मे चुनावों के एलान के बाद आदर्श आचार सहिंता लगते ही चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनावों के लिए लगातार निर्णय कर रहा है। जिसके चलते कुछ जिलों के कलेक्टर एवं एसपी भी बदले जा रहे हैँ एवं अन्य विभागों मे भी लगातार शिकायतों के बाद बदलाव का इंतज़ार है।

क्या चुनाव आयोग मप्र के महतत्वपूर्व विभाग जैसे जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यंत्रिकी जैसे विभागों मे कृपा पाकर रिटायर्ड हुए अधिकारी जो की पद के योग्य भी नहीं हैँ या फिर ऐसे लोग जो कनिष्ट होने के बावजूद HOD जैसे महतत्वपूर्ण पदों पर नेताओं की कृपा पाकर विराजमान हैँ। जिनसे वरिष्ठ एवं योग्य लोग कतार मे हैँ और उनको मौका ना देकर रिटायर्ड या फिर जूनियर्स को प्रभार दे दिए गए थे चुनाव पूर्व, क्या अब ऐसे लोगों को चुनाव आयोग हटाएगा? क्यूंकि ये लोग इस चुनाव मे प्रदेश भर मे सरकारी मशीनरी को प्रभावित करते हुए इनके आकाओं को फायदा पहुंचा सकते हैँ! क्यूंकि ये सारे विभाग जनता से सीधे जुड़े हुए विभाग हैँ एवं इन विभागों के वित्त अधिकार भी कुछ अयोग्य या फिर संविदा पद प्राप्त लोगों को विगत कुछ माह पूर्व चुनावों की दृष्टि से देकर उपक्रत नियम विरुद्ध पहले से ही किया जा चूका है।

कई संघठन एवं प्रदेश की जनता अब चुनाव आयोग की और देख रही है और कार्यवाही का इंतज़ार कर रही है, मिली जानकारी अनुसार ऐसे कई लोगों की शिकायतें की गयी हैँ।

पूरे मामले पर मप्र के शासकीय अधिकारी, कर्मचारी महासंघ के प्रान्त अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद शर्मा कहते हैँ की सरकार ने अपने चाहितों एवं अपात्र लोगों को उपक्रत करके महतत्वपूर्ण पदों पर कार्यभार देकर नियमविरुद्ध तरीके से उपक्रत किया है। जिससे कई योग्य एवं अनुभवी अधिकारीयों की अनदेखी की गयी है, जबकि विभाग प्रमुख जैसा पद वरिष्ठ मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारीयों से भरे जाते रहे हैँ। वर्तमान समय मे सिंचाई विभाग का उदाहरण लिया जाये तो,दो पद ऊपर अधीक्षण यंत्री रिटायर्ड को प्रमुख बनाया गया है संविदा आधार पर जबकि अधीक्षण यंत्री स्थायी रूप से एक दशक से अधिक समय से कार्यरत लोग सेवा मे उपलब्ध हैँ एवं ऐसे कई लोग भी हैँ जो जनजातीय समाज से भी आते हैँ। हमारा संघठन चुनाव आयोग से अपील करता है की ऐसे लोगों को तत्काल हटाया जाये जो चुनावों को प्रभावित कर सकते हैँ। एवं ऐसे महतत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष की चुप्पी चिंता का विषय है।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Exit mobile version