नई दिल्ली। श्रीराम नवमी के अवसर पर सूर्य रामलला का तिलक करेंगे। इसको लेकर अयोध्या में तैयारी शुरू हो गई है। वैज्ञानिकों ने दर्पण के जरिए सूरज की किरण को रघुनाथ के मस्तक पर पहुंचा दिया। यह किरण करीब चार मिनट तक रामलला के ललाट की शोभा बढ़ाएगी। रामनवमी के दिन दोपहर दोपहर 12 बजे भगवान राम के मस्तक पर तिलक किया जाएगा। जिसका पूर्वाभ्यास प्रयोग पूर्ण रूप से सफल रहा है।
पहले यह अनुमान था कि मंदिर के पूर्ण निर्माण के बाद ही प्रयोग सफल हो पाएगा, लेकिन वैज्ञानिकों ने रवि की किरण को भगवान के मस्तक तक पहुंचाने में सफलता हासिल कर ली। राम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के सहयोगी गोपाल राव ने बताया कि रामनवमी के दिन 12 बजे भगवान का प्राकट्य होना है। उस समय सूरज की किरण रामलला के मस्तक पर आए इसलिए वैज्ञानिक प्रयत्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए हमें पूरा विश्वास है कि 17 तारीख को भगवान की मस्तक पर सूर्य तिलक लगेगा। दो से ढाई मिनट तक अच्छे से और करीब 5 मिनट तक फेड रूप में सूर्य तिलक रहेगा।
साथ ही बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने बताया कि श्रीराम जन्मोत्सव का प्रसारण अयोध्या में लगभग 100 बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा। न्यास के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी लाइव प्रसारण होगा।
रामलला का सूर्य तिलक का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर किया जाएगा। इसके अलावा भक्त श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम हैंडल पर देख सकते हैं।

