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दैनिक उपभोग की चीजों पर खर्च घटा रहे हैं लोग, लेकिन परफ्यूम-डिओडोरेंट्स की बिक्री क्यों हो गई दोगुनी?

नई दिल्ली: इस समय ‘खुशबू’ का कारोबार तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस सेक्टर में बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ छोटे-छोटे भी काफी प्लेयर आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है कि परफ्यूम, डिओडोरेंट्स आदि का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी आ रहा है। स्थिति यह है कि उपभोक्ता दैनिक उपभोग की चीजों पर कटौती कर रहे हैं, लेकिन ‘खुशबू’ वाले इन प्रोडक्ट को जरूर खरीद रहे हैं।

तेजी से बढ़ रहा यह क्षेत्र

नीलसनआईक्यू ने अपना यह डेटा इकनॉमिक टाइम्स के साथ शेयर किया है। इस डेटा के अनुसार इस कैलेंडर वर्ष में सितंबर तक फ्रेगरेंस सेगमेंट में साल-दर-साल 12% की वृद्धि हुई। इसमें रोल-ऑन डिओडोरेंट्स ने 26% की वृद्धि दर्ज की। नीलसनआईक्यू के अनुसार, पर्सनल केयर सेगमेंट में 6.2% की वृद्धि देखी गई। वहीं एफएमसीजी इंडस्ट्री में 5.7% की वृद्धि हुई। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में फ्रेगरेंस इंडस्ट्री 4,771 करोड़ रुपये की है।

क्यों आया बिक्री में उछाल?

नीलसनआईक्यू के भारत में कमर्शियल हेड रूजवेल्ट डिसूजा ने कहा कि फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स अब छोटी-छोटी जगह भी पहुंच रहे हैं यानी इनका डिस्ट्रिब्यूशन तेजी से हो रहा है। वहीं लोग अब पर्सनल ग्रूमिंग में तेजी से रुचि दिखा रहे हैं। इस कारण रोल-ऑन डिओडोरेंट्स की बिक्री में उछाल आया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा विस्तार

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर सीतापति ने कहा कि संगठित व्यापार में डिओडोरेंट्स की बिक्री तेजी से हो रही है। सीतापति ने कहा कि कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूशन का विस्तार किया है।

इमामी ने शहरी कंज्यूमर्स के लिए डिओडोरेंट्स से लेकर ओ डे टॉयलेट परफ्यूम तक फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स का एक पोर्टफोलियो लॉन्च किया है। इसके उपाध्यक्ष मोहन गोयनका ने कहा कि शुरुआत में इसे ई-कॉमर्स के जरिए बेचा जाएगा।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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