भरत चरित्र से सीख: लोभ त्याग कर प्रेम और त्याग से जीते जीवन संत मुरलीधर महाराज…
धौलपुर राजस्थान- ब्यूरो, विजय शर्मा
संत मुरलीधर जी महाराज ने सुनाई भरत चरित्र कथा
धौलपुर राजस्थान। धौलपुर संत मुरलीधर जी महाराज ने धौलपुर में आयोजित मचकुंड रोड भगवान परशुराम सदन में हो रही संगीतमय श्री राम कथा के अन्तिम दिन भगवान राम के भरत चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे भरत जी अपने भाई राम को मनाने के लिए चित्रकूट गए थे।
महाराज श्री ने उस दृश्य का ऐसा मार्मिक वर्णन किया कि उपस्थित सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि भरत का अपने भाई के प्रति प्रेम और त्याग अतुलनीय है। राजपाट का त्याग कर, तपस्वी वेश धारण कर उन्होंने राम को वापस लाने का संकल्प लिया।
कथा में आगे महाराज श्री ने बताया कि जब भरत चित्रकूट पहुंचे, तो राम जी उन्हें देखकर बहुत प्रसन्न हुए। भरत ने राम से अयोध्या लौटकर राज सिंहासन संभालने का आग्रह किया, लेकिन राम ने अपने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्ष का वनवास पूरा करने का प्रण दोहराया।
महाराज श्री ने बताया कि राम जी ने भरत को अपनी चरण पादुकाएं दीं और उन्हें राज धर्म का पालन करने का आदेश दिया। भरत जी ने उन पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर 14 वर्ष तक एक सेवक की तरह अयोध्या का राज चलाया, जो भाई के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक था।
इसके बाद महाराज श्री ने रावण वध और राम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जब राम, रावण का वध करके सीता जी को लेकर अयोध्या लौटे, तो पूरी अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल था। महाराज श्री ने कहा कि यह कथा हमें त्याग, प्रेम, भाईचारे और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भरत का चरित्र हमें सिखाता है कि पद से बड़ा कर्तव्य और स्वार्थ से बड़ा संबंध होता है। भरत ने जिस तरह से अपने भाई के प्रति निष्ठा दिखाई, वह आज के समय में भी एक बड़ा उदाहरण है।
कथा के दौरान बीच-बीच में प्रस्तुत संगीतमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।
संगीतमय श्री राम कथा के इस अवसर पर संत मुरलीधर महाराज ने वरिष्ठ पत्रकार विजय शर्मा को भी व्यास पीठ से अपना आशीर्वाद प्रदान किया। और श्री राम भक्त सेवा समिति की ओर से भगवान की तस्वीर और दुपट्टा प्रदान किया।
इस अवसर पर संगीत मय श्री राम कथा के मुख्य यजमान
रमेश चंद राकेश कांटे, श्रीमती बेबी दैनिक यजमान गौरव मित्तल, राजकुमार मित्तल, विनोद गुप्ता रहे श्री राम भक्त सेवा समिति के संयोजक श्रीभगवान मित्तल सराफ , राजकुमार सिंघल, प्रेम मंगल, अरविंद शुक्ला, गोवर्धन दास, शिव प्रकाश शर्मा, ब्रजमोहन गोयल शिवांग मंगल, अतुल अग्रवाल एवं इनके सभी सहयोगियों को महाराज जी ने आशीर्वाद प्रदान किया।

