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बढ़ती बेरोजगारी और फार्मेसी कॉउंसिल के चुनाव ना होने पर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने..

सालों से बढ़ती बेरोजगारी और फार्मेसी कॉउंसिल के चुनाव ना होने पर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने कॉउंसिल का किया घेराव एवं डिग्री वापसी….

बड़ी खबर केसरिया खबर@sms

भोपाल, 21/04/2022

प्रदेश में पहली बार फार्मासिस्टों की आवाज को उठाने के लिए एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन आगे आया है। इस दौरान फार्मासिस्टो ने अपनी डिग्रियाँ भी कॉउंसिल को वापस की । उनका कहना है कि ऐसी डिग्री किस काम की जिससे परिवार का पालन पोषण न हो सके। एम.पी फार्मासिस्ट एशोसिएशन के सभी फार्मेसिस्ट ने गंभीर विषयों पर आज दोपहर 12 बजे फार्मेसी कॉउंसिल ऑफिस 1250,जेपी हॉस्पिटल के पास बड़ी संख्या में पहुँचकर फार्मेसी कॉउंसिल का घेराव किया।

 

संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजवीर त्यागी ने बताया

फार्मेसी कॉउंसिल मध्य प्रदेश में फैले भ्रस्टाचार के कारण प्रदेश के फार्मासिस्ट बहुत आहत हैं। और लगातार बेरोजगारी कि दर बढ़ रही है, जिसके संदर्भ मे कॉउंसिल के रजिस्ट्रार को ज्ञापन दिया और लिखित मांगो को तत्काल प्रभाव से माना जाये,अन्यथा प्रदेश के फार्मासिस्ट कॉउंसिल कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन एवं तालाबंदी करने के लिए बाध्य होंगे!

1- फार्मेसी कॉउंसिल के इलेक्शन तत्काल प्रभाव से कराएं जाए।

2 – प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अर्ध शासकीय एवं प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम में फार्मेसी एक्ट 1948 का सख़्ती से पालन हो बेड कि संख्या के अनुसार फार्मासिस्ट कि नियुक्ति की जाये एवं मेडिकल पर्चेस ऑफिसर पद पर केवल फार्मासिस्ट कि ही नियुक्ति कि जाए।

3 – फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन की किरायेबाजी पूर्ण रूप से बंद हो। इस दिशा में सख्त कदम उठाए जाएं।

4 – फार्मासिस्ट के खाली पड़े प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, उप स्वास्थ केंद्रो पर 97 प्रकार की दवाओं के वितरण हेतू 10000 पदों पर तत्काल फार्मासिस्ट नियुक्त किये जाए।

5 – फर्जी नॉन अटेंडिंग डिग्री और डिप्लोमा कॉलेज पर तत्काल रोक लगाई जाये, डिप्लोमा फार्मेसी में आयु सीमा का प्रावधान किया जाये।

6 – फार्मासिस्ट के ग्रेड पे को 2400 से बढ़ा कर 3500 किया जाए।

7 – फार्मासिस्ट के लिए कैडर का गठन दूसरे प्रदेशों के अनुसार किया जाए एवं प्रमोशन का लाभ दिया जाए।

Prmotion chanel

Pharmacist_4600

Pharmacy officer_5400

Sr pharmacy officer_6600

Pharmacy directors_8000

8 – फार्मेसी कॉलेज में कार्यरत अध्यापकों को AICTE के दिशा निर्देशों के अनुसार वेतन दिया जाए।

9 -समस्त जिलों मे फार्मेसी इंस्पेक्टर कि नियुक्ति की जाए।

10 – फार्मासिस्ट को CHO में शामिल किया जाए ।

11 – फार्मासिस्टों को अन्य सुविधाएं जैसे PF, एवं मेडिक्लेम दुर्घटना बीमा, life insurence जैसी नीति लागू की जाए।

12 – फार्मेसी कोर्स को सिविल सेवा परीक्षा में जोड़ा जाए।

13 – फार्मेसी कॉउंसिल मे रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की संख्या लगभग 60000 है परंतु प्रदेश में 1.5 लाख मेडिकल स्टोर्स कैसे संचालित हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कमेटी के माध्यम से की जाए। कमेटी मे कम से कम 3 रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट रखे जाए।

14 – प्रदेश में NHM संविदा फार्मासिस्ट को 5 जून 2018 के आदेश अनुसार 90% वेतन दिया जाए।

15 – ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट, फार्मेसी एक्ट एवं पी पी आर एक्ट 2015 का सक्ति से पालन करवाया जाए।

16 – रिटेल फार्मेसी में कार्यरत फार्मासिस्ट किसी अन्य संस्था /महाविद्यालय/संस्था /उद्योग/किसी अन्य संगठन में शिक्षक के रूप में या अन्यथा काम करते पाया जाये तो उसके विरुद्ध अवचार मानकर कार्यवाही की जाए।

17 – वेरिफिकेशन डेली बेसेस पर हो ताकि स्लॉट बुकिंग का समय कम से कम निर्धारित हो सके। जिससे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जल्द से जल्द उपलब्ध हो सके।

आज के इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अमित सिंह ठाकुर, प्रदेश महा सचिव अखिलेश त्रिपाठी, प्रदेश सचिव दीपक मिश्रा के साथ हिमांशु चतुर्वेदी, सुधांशु मिश्रा, जितेंद्र त्रिपाठी सहित सभी प्रदेश के पदाधिकारी, सभी जिलों के जिला अध्यक्ष सचिव सहित सैकड़ों फार्मासिस्ट उपस्थित थे।

उक्त जानकारी प्रदेश मीडिया एवं आई टी सेल प्रभारी राजवीर त्यागी जी ने दी ।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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