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पिपरिया सामूहिक आत्महत्या मामले ने पकड़ा तूल,AAP ने की सीबीआई जांच की मांग!

पिपरिया पीजी कॉलेज से जुड़े रैकवार बाबू और मकरन्द के परिवार सहित आत्महत्या की हो सीबीआई जांच – AAP

बड़ी खबर केसरिया खबर@sms

24/मई/2022 नर्मदापुरम…

पिपरिया – एक माह के भीतर शहीद भगत सिंह पीजी कॉलेज से जुड़े रैकवार बाबू और भृत्य मकरंद विश्वकर्मा ने परिवार सहित आत्महत्या के मामले से पूरे नगर में सनसनी फैल गई है। और चर्चाओ का बाजार गर्म है। इस पूरे मामले पर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अभी तक मौन धारण किया हुआ है। तो वही सत्ताधारी भाजपा के नेता भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देने सामने नही आये है। पंजाब में जीत के बाद उत्साहित आम आदमी पार्टी ने इस मामले पर एक प्रेस वार्ता आयोजित करके पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने की सीबीआई जांच की मांग……….

निजी होटल में आमआदमी पार्टी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। आप के प्रदेश प्रवक्ता हर्षित शर्मा ने कहा कि 2018 में चुनाव के समय भी हमारी पार्टी ने आरटीआई के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर कॉलेज प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे जो कि सही थे। एक माह के भीतर रैकवार बाबू की ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर लेना एवं मकरन्द विश्वकर्मा द्वारा परिवार सहित फांसी लगा लेना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। रैकवार बाबू के सुसाइड नोट में जिन आरोपो का उल्लेख किया गया उनकी जांच होना चाहिये , कुछ माह पूर्व कॉलेज में ही कार्यरत जेनेट जार्ज मेडम का ट्रांसफर प्रभारी प्राचार्य ने विधायक के माध्यम से कराया है इसकी भी जांच होना चाहिये।

इनकी कॉल डिटेल निकालकर हो जांच…

आप के प्रवक्ता हर्षित शर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले में रैकवार बाबू , मकरंद विश्वकर्मा , कॉलेज प्राचार्य कामिनी जैन एवं पीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य राजीव माहेश्वरी की पिछले 2 माह की कॉल डिटेल रिपोर्ट निकालकर जांच की मांग आप पार्टी ने की है।

कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर अजय पाराशर ने साधा कॉलेज प्रबंधन पर निशाना…

कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर एवं वर्तमान में आम आदमी पार्टी के सदस्य अजय पाराशर ने प्रेस वार्ता में बताया कि सुसाईड नोट में जिन अनैतिक कार्यों का उल्लेख है ऐसे कार्य शिक्षा के मंदिर में करना गलत है। शिक्षा के मंदिर से देश का भविष्य तैयार होता है। पाराशर ने कहा कि विभाग के नियमो के मुताबिक कॉलेज का कर्मचारी किसी भी प्रभारी प्राचार्य या अधिकारी के यहाँ कार्य नही कर सकता है। जब उनसे पूछा गया कि आपने वीआरएस क्यो लिया है तो उन्होंने कहा कि कॉलेज का वातावरण ठीक नही था। प्रभारी प्राचार्य का बात करने का तरीका भी ठीक नही रहता था।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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