उत्तराखंड सड़क हादसा,बीजेपी विधायक बोले दुख की घड़ी में में और मेरी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ….
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06/जून/2022
केसरिया डेस्क,
उत्तराखंड में हुए सड़क हादसे में पन्ना जिले के 26 तीर्थयात्रियों की मौत पर भाजपा विधायक ने जताया दुख, कैदारनाथ आपदा में खुद कर चुके हैं श्रद्दालुओं का रेस्क्यू।
केदारनाथ त्रासदी में खुद रेस्क्यू करने वाले विधायक उत्तराखंड हादसे पर बोले- ‘मैं और मेरी सरकार पीड़ितों के साथ’
भोपाल, साल 2013 में हुई केदारनाथ त्रासदी में निजी हेलीकॉप्टर से तीर्थ यात्रियों को रेस्क्यू करने पहुंचने वाले कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित डामटा के पास मध्य प्रदेश के पन्ना से चारधाम यात्रा पर गई बस के खाई में गिरने से 26 तीर्थयात्रियों की मौत के मामले पर पर गहरा दुख प्रकट किया है। कटनी जिले से भाजपा विधायक संजय पाठक ने इस हादसे को लेकर कहा कि, ‘डामटा में हुआ बस हादसा अत्यंत पीड़ादायी है। हादसे की सूचना सुनकर मैं बहुत हैरान और दुखी हूं।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दें।’
विधायक पाठक ने ये भी कहा कि, हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही रातभर उन्हें नींद नहीं आई। विधायक का कहना है कि, मृतकों और घायलों के परिजनों के साथ हमारी संवेदना हैं। उन्होंने ये भी कहा कि, मृतकों के परिजन के साथ वो खुद हर वक्त खड़े हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से शोकाकुल परिवार के साथ साथ घायलों के लिए हर संभव मदद करने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि, घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड सरकार ने तुरंत राहत कार्य शुरु कर दिया है। घायलों का समुचित इलाज किया जा रहा है। प्रदेश के मुखिया हमारे नेता शिवराज सिंह चौहान भी उत्तराखंड पहुंच चुके हैं। और खुद हर स्थिति का जायजा भी ले रहे हैं,यहां उन्होंने शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की है। साथ ही, घायलों से मिलने अस्पताल भी पहुंचे हैं।
ज्ञात रहे केदारनथ हादसे में खुद के हेलीकॉप्टर से की थी पाठक ने पीड़ितों की मदद!
एक तरफ जहां विधायक संजय पाठक उत्तराखंड बस हादसे में जान गवाने वाले 26 यात्रियों की मौत पर दुख जताते हुए शौकाकुल परिवारों की हर संभव मदद करते हुए खुद उनके साथ खड़े होने का वादा किया है तो वहीं दूसरी तरफ विधायक पाठक एक नेता होने के साथ साथ निजी तौर पर भी दुखी और असहाय लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले समाजसेवियों में से एक माने जाते हैं।
हादसे में चली गई 26 जानें….
बता दें कि, तीर्थ यात्रियों से भरी बस खाई में गिरने से ये हादसा हुआ है। ड्राइवर के अनुसार, स्टेयरिंग से नियंत्रण खोने की वजह से बस खाई में गिरने की बात कही गई है। फिलहाल, इसकी जांच की जा रही है। वहीं, उत्तराखंड गृह विभाग के एसीएस ने हादसे में 26 बस यात्रियों की मौत की पुष्टि करते 4 घायलों को घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर डामटा अस्पताल में इलाज की जानकारी दी थी और देर रात घायलों को अन्य अस्पताल एयरलिफ्ट करने की जानकारी मप्र के आला अधिकारियों ने दी थी।
यहां बारकोट से आए डॉक्टों की टीम घायलों का विशेष तौर पर इलाज कर रही है। हादसे में जान गवाने वाले सभी लोग मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रहने वाले थे।
यहां हुआ हादसा…
बताया जा रहा है कि, बस चारधाम की यात्रा पर निकले लोगों को लेकर यमुनोत्री जा रही थी। तभी यमनौत्री हाइवे पर डामटा के पास चारधाम तीर्थयात्रियों से भरी बस खाई में गिर गई। घटना की सूचना मिलेत ही उत्तराखंड पुलिस, होमगार्ड, SDERF और कलेक्टर , एसपी उत्तरकाशी घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्य शुरु किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह.उत्तराखंड राधा रतुलि, कलेक्टर उत्तरकाशी अभिषेक रोहिल्ला और एसपी उत्तरकाशी अर्पण यदुवंशी के कोऑर्डिनेशन में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
2 दिन इंतजार के बाद मिला था स्लाट, जिंदगियां खत्म होने से पन्ना में मातम….
यमुनोत्री धाम से 70 किलोमीटर पहले डामटा के पास रविवार शाम करीब सवा सात बजे हुए हादसे में 26 तीर्थ यात्रियों की मौत के बाद देशभर में शौक की लहर है। बताया गया कि जिस जगह दुर्घटना हुई, वहां सड़क काफी चौड़ी है और डामरीकरण हो रहा है। ऋषिकेश के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद कुमार के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस को 15 मई से 15 नवंबर तक के लिए ग्रीन कार्ड जारी किया गया था। साथ ही, रविवार को इसे यात्रा का ट्रिप कार्ड भी जारी किया गया था। अधिकारियों की मानें तो 69 यात्रियों का दल पन्ना से यात्रा पर निकला था। चित्रकूट, पशुपतिनाथ और काठमांडू होते हुए दो जून को ये सभी हरिद्वार पहुंचे। यहां दो दिन इंतजार के बाद रविवार को इन्हें यमुनोत्री और गंगोत्री का स्लाट आवंटित हुआ। ये सभी यात्री दो अलग अलग बसों में सवार थे। इनमें से एक बस दुखद हादसे का शिकार हो गई ।

