रेत का खेल कहीं बिगाड़ ना दे सत्ताधारी दल का तालमेल! क्या सीएम की चुप्पी बनेगी कांग्रेस की मुसीबत!
kesarianews
भिंड/भोपाल 20जुलाई2019
मध्य प्रदेश में अवैध रेत का खेला- उत्खनन कहीं बन न जाए कमलनाथ सरकार के लिए मुसीबत , बिगड़ने लगा आपसी संतुलन, दबी जुबान में लोग कह रहे किधर है सुशासन!
केसरिया खबर केसरिया नजर@sms
लगातार पूर्व की भाजपा सरकार पर आरोप लगाने वाली कांग्रेस जो अवैध उत्खनन के मुद्दों को प्रमुखता से उठा कर सत्ता में तो आई लेकिन लेकिन खुद का दामन दागदार होने से नहीं बचा पाई । अब इस कारोबार में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नाम भी लगातार उछलने लगे हैं।
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने अपने प्रभारी मंत्री आरिफ अकील के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। प्रभारी मंंत्री पर अवैध उत्खनन को संरक्षण देने का गंभीर आरोप है। कांग्रेसियों ने शहर में परेड चौराहे पर रेत डालकर/बिछाकर आरिफ अकील के पोस्टर को जमीन पर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया है। इसे दिग्विजय और सिंधिया गुट के बीच चल रही आपसी खींचतान से जोड़कर तो देखा ही जा रहा है साथ ही प्रभारी मंत्री के सर्किट हाउस में पकड़े गए तथाकथित भांजे से भी जोड़कर देखा जा रहा है। प्रभारी मंत्री के प्रभारी मंत्री के तथाकथित भांजे को लेकर अभी भिंड जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गुस्सा थमा नहीं है। कांग्रेस के एक गुट ने प्रभारी मंत्री अकील के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले जिला प्रवक्ता अनिल भारद्वाज को पार्टी से बाहर करने की मांग की है।
दरअसल, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद से ही भिंड जिले में रेत के अवैध उत्खनन का मुद्दा जमकर छाया हुआ है। यहां सिंधिया समर्थक आरोप लगा रहे हैं कि प्रभारी मंत्री के समर्थक रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। उत्खनन को लेकर सिंधिया और दिग्विजय समर्थक एक दूसरे के खिलाफ लामबंद है। दोनों गुटों में गुटबाजी सामने आ चुकी है। यहां बता दें कि प्रभारी मंत्री आरिफ अकील और सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह दिग्विजय गुट से हैं।
सूत्रों की मानें तो प्रभारी मंत्री सीहोर जिले के भी प्रभारी हैं एवं सीहोर जिले में भी अवैध उत्खनन का काम जोर शोर से चल रहा है । इसी क्रम में होशंगाबाद भी पीछे नहीं है लेकिन प्रदेश सरकार के मुखिया कमलनाथ इस पूरे मामले को लेकर कब कार्रवाई करेंगे यह भविष्य में छिपा है, क्योंकि एक तरफ जहां खुद कमलनाथ 40 साल की राजनीति करने के बाद मध्य प्रदेश के मुखिया बने हैं तो वहीं वो खुद अपनी सरकार को बचाए रखने के लिए संघर्षरत हैं।
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।