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पिपरिया होशंगाबाद 26 जुलाई 2019
जल संरक्षण के लिए तालाब बनाना जरूरी – के.जी व्यास
समाज प्रकृति और विज्ञान के अंतर्गत जल संरक्षण विषय पर नवचेतना समिति की ओर से आयोजित संगोष्ठी में विशेष वक्ता के रूप में प्रदेश के जल विशेषज्ञ और प्रदेश सरकार द्वारा तालाबो के जीर्णोद्धार और जल संरक्षण के लिए बनाई कमेटी के अध्यक्ष के.जी व्यास ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमे आने वाले जल संकट से निपटने के लिए अभी से रणनीति बनाने की जरूरत है। और जल संरक्षण के लिए सबसे जरूरी काम है। प्रकृति के अनुकूल तालाब बनाना । जल विशेषज्ञ ने बताया कि केंद्र और राज्य की सरकारें पानी को लेकर काफी चिंतित है। और जल संरक्षण के लिए वह कार्य भी कर रही है।
प्रदेश सरकार राजा महाराजाओं के समय बने सभी तालाबो की एक सूची बनवाकर उन पर कार्य करने की दिशा में पहल कर रही है। के.जी व्यास ने कहा कि तालाब दो प्रकार के होते है एक परकोलेशन तालाब और स्टोरेज तालाब । परकोलेशन तालाब के जरिये हम under ग्राउंड water को रिचार्ज कर सकते है। जिससे पानी के लेवल को बढ़ाया जा सकता है। व्यास ने कहा कि आज पानी सभी की जरूरत है। और पानी के संरक्षण के लिए समाज मे चेतना जागना आवश्यक है।अनुभव दर्शाता है कि हमे राजा महाराजाओ के समय वाली देशज तकनीक जो कि प्रकृति के अनुकूल हो उसी तकनीक से तालाब बनाने की जरूरत है क्योंकि राजाओं के समय बने तालाबो में सिल्ट कम जमा होती थी। जिससे तालाब की आयु अधिक होती थी। जबकि ब्रिटिश शासन काल मे बने तालाबो में सिल्ट तेजी से अधिक मात्रा में जमा होती थी। उन्होंने राजधानी भोपाल का उदाहरण देते हुए कहा कि राजा भोज ने जब तालाब बनवाया था तो उसमें सिल्ट नही के बराबर आती थी। लेकिन भोपाल के तालाब की जब ऊँचाई बढ़ाई गई तब से उसमे तेजी से सिल्ट आई।
नदी को पुनर्जीवित करने में तालाब सहायक वरिष्ठ समाज सेवी और जल विशेषज्ञ राजेन्द्र हरदेनिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि तालाब बनाकर सूखी हुई नदी को पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने बहुत ही सरल उदहारण देते हुए कहा कि आपको नगर निगम 24 घंटे तो पानी सप्लाई नही करता है। वह तो उसके समय अनुसार सुबह और शाम को ही पानी की सप्लाई करता है। लेकिन जनता को पानी की जरूरत तो 24 घंटे रहती है। आप अपनी जरूरत के मुताबिक पानी को स्टोरज करते है। ठीक इसी प्रकार जब ऊपर वाला अपना नल बारिश के रूप में खोलता है। तो हमे बारिश के पानी को स्टोरेज करने की आवश्यकता है। और तालाब बनाकर पानी का उचित भंडारण किया जा सकता है। जिससे हम जितना पानी उपयोग कर रहे है। उससे ज्यादा पानी जमा करने लगे तो सुखी हुई नदिया फिर पुनर्जीवित हो जायेगी।
जल संरक्षण में सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने कहा कि जल सभी की जरूरत है और जल संरक्षण के लिए सभी वर्गों को आगे आने की जरूरत है। एसडीएम सिंह ने कहा कि जिस भी स्थान पर वह सरकारी सेवा में कार्यरत रहे उन्होंने जल सरंक्षण के लिए कार्य किया आपको बतादे की मछवासा नदी पर स्टॉप निर्माण कार्य को जनता की मुहिम बनाने में SDM मदन सिंह रघुवंशी का महत्वपूर्ण योगदान है और मछवासा नदी पर बन रहे स्टॉप का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
श्रोताओं में बैठे गणमान्य नागरिक राजेश महेश्वरी ने के.जी व्यास से कहा कि आप प्रदेश सरकार तक मेरा एक सुझाव भेजिये की पहली क्लास से जल संरक्षण विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में स्वागत भाषण नपा अध्यक्ष राजीव जायसवाल ने दिया वहीं आभार अनन्तराम साहू ने व्यक्त किया ।
कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश भार्गव और कैलाश सराठे ने किया , इस कार्यक्रम बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक ,किसान आदि शामिल हुए।

