ओबीसी महासभा का विरोध प्रदर्शन -आरक्षण बहाली को लेकर दी सरकार को चेतावनी…
भोपाल….सोमवार को ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया गया। प्रदर्शन जवाहर चौक से प्रारंभ होकर रंगमहल चौराहे तक पहुंचा, जिसमें भारी संख्या में ओबीसी समाज के लोगों ने भाग लिया और सरकार के प्रति अपना असंतोष प्रकट किया।
ओबीसी महासभा की मुख्य मांगें..
1. मध्य प्रदेश में 13% ओबीसी आरक्षण पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए।
2. 27% ओबीसी आरक्षण को राज्य में पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
3. केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना शीघ्र कराए जाने की मांग।
4. ओबीसी युवाओं को रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में न्यायोचित भागीदारी मिले।

ओबीसी महासभा द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री निवास घेराव प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायक दल के सदस्यों के साथ भाग लिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में संघर्ष और एकता का संदेश दिया। साथ ही ओबीसी समाज को उनके मुद्दों पर पूर्ण समर्थन भी दिया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा:
भाजपा सरकार ओबीसी वर्ग के साथ सिर्फ वादे करती है, लेकिन जबअधिकार देने की बारी आती है, तो वह पीछे हट जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी वर्ग को उनका हक दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी। सिंघार ने कहा कि सामाजिक न्याय की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ओबीसी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ओबीसी महासभा के कार्यकर्त्ता एवं पदाधिकारियों के अलावा कांग्रेस के नेता एवं विधायकों ने भी हिस्सा लिया,
जिसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) सदस्य कमलेश्वर पटेल, विधायक फूलसिंह बरैया,सचिन यादव, राजेंद्र भारती…
एडवोकेट वैभव सिंह, एड. धर्मेंद्र कुशवाह, एड. महेंद्र लोधी, एड. विश्वजीत रतौनिया, राकेश पटेल, महेंद्र पाल, अरविंद दांगी, पिंकी कुशवाह, संजू कुशवाह, सौरव कुशवाह, रविंद्र लोधी, सीताराम लोधी सहित अनेक जिला एवं ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारीगण शामिल थे।