क्या वचन भूली सरकार! कड़ कड़ाती ठंड में बच्चों के साथ धरने पर अभी भी डटे हुए हैं अतिथि विद्वान…
बड़ी खबर केसरिया खबर@sms
30/दिसंबर/2019
आलोक हरदेनिया…
भोपाल – प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षा देने वाले अतिथिविद्वानों का धरना लगातार 21वें दिन भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड में शाहजाहानी पार्क भोपाल में टेंट की छांव में सर्दी से बचने का असफल प्रयास करते अतिथिविद्वान जिनमे बड़ी संख्या में महिलाएं एवं उनके अबोध बच्चे शामिल हैं, लगातार उच्च शिक्षा विभाग की तानाशाही पूर्ण रवैये के विरुद्ध धरना और आंदोलन कर रहे हैं। किंतु अब तक प्रदेश की कांग्रेस सरकार की ओर से मामले पर कोई भी सकारात्मक पहल होती नही दिखी है। जिससे आक्रोशित अतिथि विद्वान बिना किसी स्पष्ट और सटीक निर्णय तक पहुचे बिना आंदोलन समाप्त करने के मूड में नही दिख रहे हैं। अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजकद्वय डॉ देवराज सिंह एवं डॉ सुरजीत भदौरिया के अनुसार इस कड़ कड़ाती हुई ठंड के मौसम में, हाड़ कंपा देने वाली हवाएं चल रही है। किंतु महिला अतिथिविद्वान साथी अपने बच्चों सहित सपरिवार अंदोलन के मोर्चे पर डटी हुई हैं। जब ज़िम्मेदार जनप्रतिनिधियों को अपनी ज़िम्मेदारी उठाकर हमारी समस्याओं का निराकरण करना चहिये था, जबकि इसके उलट हमारी सुध भी लेने वाला यहां कोई नही है।
कड़ कड़ाती ठंड में बच्चे भी धरने पर
प्रदेश की कांग्रेस सरकार को नियमितीकरण का वचन याद दिलाने के लिए अकेले अतिथि विद्वान ही धरने पर नही बैठे है। उनके साथ उनके छोटे छोटे दूध मुहे बच्चे भी इस शीत लहर और ठंडी के बीच धरने में उनके साथ बैठे हुए है। शायद उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी उनके छोटे छोटे बच्चो के ठंड से बेहाल चेहरे देखकर ही सरकार अपना वचन निभाते हुए अतिथि विद्वानो को नियमितीकरण का आदेश जारी कर दे।
वचन निभाना जरूरी.. तो फिर
नियमितीकरण में आखिर किस बात की देरी!
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी से नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि विद्वानो के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की थी वहां मौजूद प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेताओं से राहुल गांधी ने पूछा था। क्या इन लोगो को नियमित किया जा सकता है। तब जबाव हा में मिलने पर अतिथि विद्वानो को नियमित करने को कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में 17,22 पर शामिल किया । आज जब प्रदेश की सत्ता के सिंहासन पर कांग्रेस काबिज है। और यह अतिथि विद्वान कांग्रेस सरकार को अपना वचन पूरा करते हुए नियमितीकरण की मांग कर रहे है। लेकिन अभी तक सरकार की और से नियमितीकरण की दिशा में कोई सकारात्मक पहल होती हुई नजर नही आ रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुचाई जाएगी अतिथिविद्वानों की आवाज़- सीपीआई राज्यसचिव…
अतिथिविद्वानों के आंदोलन और धरना प्रदर्शन में आज कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के राज्यसचिव शैलेन्द्र कुमार पहुँचें। अतिथिविद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ जेपीएस चौहान एवं डॉ आशीष पांडेय के अनुसार धरना स्थल पहुचे श्री शैली ने अतिथिविद्वानों के नियमितीकरण की मांग से सहमति जताते हुए कहा कि अगर वादा किया है तो निभाना पड़ेगा। यदि कमलनाथ सरकार अपने नियमितीकरण में वादे को अमलीजामा नही पहनाती तो कांग्रेस का वचनपत्र एक आम चुनावी घोषणापत्र और राजनैतिक स्टंट बनकर रह जायेगा। अगर कांग्रेस सरकार को अपने वचनपत्र की विश्वसनीयता बनाये रखनी है तो वचनपत्र के इस महत्वपूर्ण बिंदु कंडिका 17.22 पर अविलंब कार्यवाही होनी ही चाहिए। शैलेन्द्र कुमार शैली ने आगे कहा कि ये मामला हम दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी में समक्ष भी उठाएंगे।
