जबलपुर | कान्हा के सरही परिक्षेत्र में स्थित सौंफ मैदान से 9 बारासिंघा को सफलता पूर्वक कैप्चर कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भिजवाया गया। भेजे गये बारासिंघा में 2 नर तथा 7 मादा है। इसके पहले भी कान्हा नेशनल पार्क से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व 106 बारासिंघा भेजे गये थे , जिनमें 22 नर एवं 74 मादा, 10 बच्चे शामिल थे।
कान्हा से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजे गये बारासिंघा की कैप्चर प्रक्रिया का नेतृत्व सुनील कुमार सिंह, क्षेत्र संचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा किया गया। ऑपरेशन के दौरान पुनीत गोयल, उप संचालक (कोर), डाॅ. संदीप अग्रवाल, वन्यप्राणी चिकित्सक एवं उनका रेस्क्यू टीम तथा कान्हा टाइगर रिजर्व के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भाग लिया गया। राज्य पशु बारासिंघा के सतपुड़ा टायगर रिजर्व में ट्रांसलेशन हेतु भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन के द्वारा अनुमति दी गई थी। बारासिंघा कैप्चर हेतु विशेष रूप से निर्मित बोमा का निरीक्षण किया गया एवं बारासिंघा कैप्चर की रणनीति तैयार की गई।
सोमवार प्रातः 8 बजे से कैप्चर की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। लगभग 10ः30 बजे बारासिंघा कैप्चर की प्रक्रिया पूर्ण हो गई। बारासिंघा को स्पेशल तकनिक से निर्मित वन्यप्राणी परिवहन ट्रक में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की ओर रवाना किया गया। प्रदेश में इनकी संख्या बढ़ाने के उद्वेश्य से पिछले कुछ वर्षों में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में 7 एवं बांधवगढ़ टायगर रिजर्व में 48 मध्य भारतीय हार्ड ग्राउण्ड बारासिंघा को सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया जा चुका है। कान्हा में सत्तर के दशक में मात्र 66 बारासिंघा बचे थे, कान्हा प्रबंधन द्वारा बेहतर संरक्षण के चलते अब कान्हा में इनकी संख्या लगभग 948 हो गयी है।
कान्हा नेशनल पार्क से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजे गये नौ बारासिंघा, जिनमे दो नर और सात मादा शामिल|

