Site icon Kesaria News

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने दोषी करार बेटे को माफ किया:अवैध तरीके से बंदूक खरीदने-टैक्स चोरी मामले में फंसे थे, 2 दिन बाद मिलती सजा

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने बेटे हंटर बाइेडन की सजा को माफ कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक वे अवैध तरीके से बंदूक रखने और टैक्स चोरी के मामले में सजा का सामना कर रहे थे।

बाइडेन ने बयान जारी कर कहा-

जिस दिन से मैंने पद संभाला है, मैंने कहा है कि न्याय विभाग के फैसले में दखल नहीं दूंगा। मैंने अपना यह वादा निभाया भी है, लेकिन मैंने देखा कि मेरे बेटे को निशाना बनाया जा रहा है। उस पर गलत तरीके से मुकदमा चलाया गया।

बाइडेन ने कहा कि उन्हें कानून व्यवस्था पर पूरा यकीन है, लेकिन राजनीति ने इसे गंदा कर दिया है। यह न्याय व्यवस्था की नाकामी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हंटर के मामले को देखने वाला कोई भी समझदार शख्स यह जानता होगा कि उसे सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मेरा बेटा है।

राष्ट्रपति ने कहा, “हंटर को बर्बाद करने की कोशिश में कुछ लोगों ने मुझे भी कमजोर करना चाहा। यह सब अभी नहीं रुकता, इसलिए मुझे अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना पड़ा। अमेरिकी लोग समझेंगे कि एक पिता और राष्ट्रपति ने यह फैसला क्यों लिया।”

सजा मिलने से 2 दिन पहले हंटर को माफी मिली 

हंटर को डेलावेयर कोर्ट में 4 दिसंबर को सजा सुनाई जानी थी। अवैध तरीके से बंदूक खरीदने के मामले में अधिकतम 25 साल तक की जेल हो सकती है, लेकिन कानून के कई जानकारों के मुताबिक पहला आपराधिक मामला होने की वजह से उन्हें 12 से 16 महीने तक की सजा हो सकती थी।

सजा सुनाए जाने से ठीक 2 दिन पहले पिता बाइडेन ने अपनी राष्ट्रपति शक्तियों का इस्तेमाल कर बेटे बाइडेन को बचा लिया। हंटर को जून में दोषी पाए जाने से पहले बाइडेन ने कहा था कि अगर दोषी पाया गया तो अपने बेटे को कभी माफ नहीं करेंगे।

टैक्स चोरी मामले में 16 दिसंबर को मिलने वाली थी सजा

दोष स्वीकार करने के बाद हंटर को अधिकतम 15 साल की सजा हो सकती थी। उन्हें 16 दिसंबर को कैलिफोर्निया में सजा सुनाई जाने वाली थी और करीब 11 करोड़ रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता था। सजा सुनाए जाने से 14 दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेटे को माफी दे दी।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Exit mobile version