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छत्‍तीसगढ़ के 24 लाख किसानों के खाते में सीएम विष्णु देव साय ने ट्रांसफर किए 13 हजार करोड़ रुपये

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में भाजपा की एक और मोदी गारंटी पूरा हो गया। कृषक उन्नति योजना के जरिए 24.75 लाख किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 13,330 करोड़ रुपये ट्रांसफर हो गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान एमएसपी की बोनस राशिकिसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया।
इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह वर्चुअल माध्यम से समारोह में सम्मिलित हुए। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और सांसद मोहन मंडावी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजनांदगांव से कृषक उन्नति सम्‍मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए मोदी जी के नेतृत्व में देश चहुमुखी विकास कर रहा है। मोदी जी हर विभाग के लिए जनता के हित में बहुत सारे पैसे दे रहे हैं, इन पैसों को खर्च करने में हमारे पसीने छूट जाते हैं। मोदी जी ने महिलाओं का सम्मान किया, किसानों के लिए ऐसी योजनाएं बनाई जिनसे उन्हें आर्थिक मजबूती मिली।
छत्तीसगढ़ का विकास अब जेट गति से आगे जाएगा। छत्तीसगढ़ की जनता ने अच्छे-अच्छे गणित फैल कर दिए।15 साल छत्तीसगढ़ में डॉ रमन सिंह जी की सरकार रही। चारो तरफ विकास हुआ। छत्तीसगढ़ में महज तीन महीने सरकार बने हुई है, इन तीन महीनों में काम बड़ा आगे बढ़ा। ऐसा लग रहा है मानो छत्तीसगढ़ में धन की बरसात हो रही है। 22 जनवरी का दिन कोई नहीं भूल सकता, 500 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद आज अयोध्या में सरयू नदी के तट पर हमारे श्रीरामलला मुस्कुरा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धान के अंतर की राशि का वितरण करने बालोद के सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित कृषक उन्नति सम्‍मेलन कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्थानीय लोगों ने गजमाला से स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव राजनांदगांव से कृषक उन्नति सम्‍मेलन को वर्चुअली जुड़े। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से राज्य सरकार की सबसे बड़ी गारंटी भी पूरी हो गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के पहले चुनावी सभा में 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से धान खरीदी का वादा किया था।
दो दिन पहले राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को 655 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। सरकार ने कहा है कि किसानों को धान का सर्वाधिक मूल्य देने वाला देश का इकलौता राज्य छत्तीसगढ़ बनने जा रहा है। योजना के तहत किसानों को आदान सहायता राशि का अंतरण उनके बैंक खातों में करने के लिए सभी जिला मुख्यालयों सहित विकासखंड मुख्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।
खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 24.72 लाख किसानों से 144.92 लाख टन धान खरीदी की गई थी, जिसके एवज में किसानों को 31 हजार 914 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। अब किसानों को धान के मुल्य में अंतर की राशि कुल बेचे गए धान के मुताबिक होगी।
प्रति क्विटंल अधिकतम 917 रुपये के हिसाब से किसानों को राशि प्राप्त होगी। कृषक उन्नति योजना के लिए राज्य सरकार ने इस साल के बजट में 10 हजार करोड़ और पिछले साल के अनुपूरक बजट में तीन हजार करोड़ इस प्रकार कुल 13 हजार करोड़ रूपए की व्यवस्था की है।
जशपुर जिले के कुनकुरी में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र तथा बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर में पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट एवं प्रोसेसिंग टेक्नोलाजी महाविद्यालय खुलेगा। इसी तरह सूरजपुर जिले के सिलफिली एवं रायगढ़ में शासकीय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, तथा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खडगंवा में कृषि महाविद्यालय प्रारंभ होगा।
कृषि में आधुनिक उपकरणों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की स्थापना एवं राज्य स्तरीय नवीन कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला के भवन का निर्माण, दुर्ग एवं सरगुजा जिले में कृषि यंत्री कार्यालय तथा रासायनिक उर्वरकों की जांच के लिए सरगुजा जिले में गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी।
राज्य के किसानों को सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों से ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए आठ हजार 500 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भूमिहीन कृषि मजदूरों की सहायता के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है। इसके लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

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