Site icon Kesaria News

बदलते मौसम का हुआ स्वस्थ्य पर बुरा असर

बिलासपुर। बदलते मौमस ने अब अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए है, शहरवासी बड़े पैमाने पर मौसमी बीमारी से संक्रमित होकर बीमार पड़ रहे हैं। वहीं, लगातार तीन दिन की छुट्टी के बाद सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में सोमवार को जमकर मरीजों की भीड़ लगी। दोपहर एक बजे तक ही ओपीडी में मरीजों की संख्या 1500 पार हो चुकी थी। क्षमता से ज्यादा मरीज पहुंचने का असर एमआरडी (मेडिकल रिकार्ड डिपार्टमेंट) में देखने को मिला। इसकी वजह से टोकन सिस्टम फेल हो गया और इलाज में देरी होने के कारण दर्जनों मरीज इलाज से वंचित हो गए और उन्हें दूसरे अस्पताल जाने के लिए बाध्य होना पड़ा।
जैसे ही मौसम बदलता है वैसे ही मौसमी बीमारी के वायरस सक्रिय हो जाते हैं, जो बड़ी संख्या में लोगों सर्दी-खांसी, बुखार, बदन दर्द, कमजोरी आदि बीमारी से संक्रमित कर देते है। बीमार मरीजों की संख्या बढ़ने का असर सिम्स पर भी पड़ता है। वैसे भी शुक्रवार से रविवार तक छुट्टी रही, ऐसे में सोमवार की सुबह जैसे ही नौ बजे ओपीडी शुरू हुई, वैसे ही एमआरडी सेक्शन में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी। देखते ही देखते इतनी ज्यादा भीड़ हो गई कि काउंटर में पर्ची कटवाने के लिए टोकन सिस्टम का सर्वर ही फेल होने लगा। परिणाम स्वरूप एमआरडी हाल मरीजों से खचाखच भर गया।
टोकन सिस्टम के सही तरीके से काम नहीं करने पर मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा और गंभीर रूप से बीमार कई मरीजों को इलाज करवाने के लिए निजी अस्पताल जाने के लिए बाध्य होना पड़ा। वहीं, जिन मरीजों को डाक्टरों ने इलाज किया, उसमें यह बात सामने आई कि लोग मौसमी बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं, इसलिए बदलते मौसम में सावधानियां बरतना जरूरी हो गया है।
मेडिसिन स्पेशलिस्ट डा. पंकज टेम्भूर्णिकर के मुताबिक आने वाले एक से दो सप्ताह में भीषण गर्मी पड़ने लगेगी, लेकिन इसके पहले तक मौसमी बीमारी का असर चलेगा। उन्होंने यह भी कहा है कि घबराने की बात नहीं है। यह बीमारी महज तीन से चार दिन में ठीक हो जा रहा है।

Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

Exit mobile version