रिपोर्टर…सचिन कुमार मिश्रा…
पन्ना, मप्र 01/मार्च /2024

मामला पन्ना जिले के पन्ना जनपद के अंतर्गत आने वाले बृजपुर हायर सेकेंडरी स्कूल का है।
जहाँ पर लैब के सामान खरीदी को लेकर कर मामला प्रकाश मे आया था।
पन्ना,कलेक्टर – हरजिंदर सिंह ने गठित कर 24 घंटे के अंदर प्रतिवेदन की माँगा था, टीम मे जिला शिक्षा अधिकारी सूर्य भूषण मिश्रा के साथ अन्य दो सदस्य जानवी खरे एवं राजेश मिश्रा को शामिल किया था।
जाँच के प्रारंभ मे टीम को वर्तमान प्रभारी प्रचार्य एवं भौतिक विज्ञान की शिक्षिका अबिदा खातून कुरैशी का इंतजार करना पड़ा!
फिर जब टीम लैब मे पहुँची तो अंधेरा दिखाई दिया और कुछ सामान नजर नही आया!
फिर अबिदा खातून कुरैशी ने जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी देते हुए बताया कि कुछ महीने पहले चोरी हो गई थी, तो कुछ सामान चोरी चला गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने एफ.आई.आर की कॉपी की मांग की, फिर शिक्षिका ने बताया की बृजपुर थाने मे हमारी शिकायत दर्ज नही की गई थी, तो हम एस.पी आफिस मे शिकायत का आवेदन देकर आये थे। पुनः जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत की कॉपी की मांग को दोहराया,लेकिन FIR की कॉपी नही उपलब्ध कराई गयी।
फिर जब जाँच टीम प्रचार्य ऑफिस मे पहुँची तब शिक्षिका ने सूची मे लिखा सामान लाना प्रारंभ किया,जिसमें दो सामान जरजर अवस्था मे एवं कुछ सील बंद, कुछ बिल्कुल नये दिखाई दिये। जहाँ पर जाँच टीम ने अनुमान लगाया कि 5 वर्ष पुराना सामान सील बंद होने का मतलब है कि छात्रों को प्रायोगिक शिक्षा से वंचित रखा जाता है। जिसका उल्लेख जाँच टीम ने अपने प्रतिवेदन मे किया। साथ ही दुकानदार द्वारा बनाये गए बिल मे त्रुटि की बात भी कही गयी। यंत्र की जगह उपकरण लिखना चाहिए था !
फिर एक और चौकानें वाली जानकारी समाने आई की पूरे सत्र मे रसायन विज्ञान के अतिथि शिक्षक की नियुक्ति ही नही की गई! छात्रों के पानी पीने की जगह पर भी कभी सफाई नही होती,जबकि स्वछता का पाठ शिक्षक द्वारा पढाया जाता है।
इस जानकारी के सामने आने के बाद सरकारी व्यवस्था पर उठ रहे प्रश्न चिन्ह!
शासन,प्रशासन द्वारा लाखों रुपये की राशि स्कूलों को प्रदान की जाती है,ताकि शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जा सके, लेकिन आज तक ऐसे मामलों मे दोषियों पर कोई कार्यवाही नही हुई जिससे व्यवस्थाओं मे सुधार लाया जा सके।