जबलपुर में 4,800 नशीली कफ सिरप जब्त, क्या छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड से जुड़ रही हैं कड़ियां?
जबलपुर: मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर पुलिस ने 4,800 कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें जब्त की हैं। बरामद खेप की अनुमानित कीमत करीब 8.64 लाख रुपये बताई जा रही है।
माढ़ोताल थाना, क्राइम ब्रांच और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम को 14 फरवरी को सूचना मिली थी कि कटंगी रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम में नशीली कफ सिरप रखी गई है। सूचना के आधार पर टीम ने दबिश देकर 40 कार्टन जब्त किए।
जांच में सामने आया कि खेप देहरादून की एक फर्म से दमोह जिले के एक मेडिकल स्टोर के नाम बुक की गई थी। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर डिलीवरी से पहले ही माल जब्त कर लिया।
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज
ड्रग विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोडीन मिश्रित कफ सिरप का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और म.प्र. ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड का हवाला
गौरतलब है कि छिंदवाड़ा में जहरीले तत्व डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) युक्त कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती जांच में कम से कम 16 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई थी। बाद में विभिन्न रिपोर्टों में यह संख्या 23 से 24 बच्चों तक बताई गई।
कुल मिलाकर 20 से अधिक बच्चों की मौत का आंकड़ा सार्वजनिक डोमेन में दर्ज है। इसी तरह ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए सप्लाई का एंगल वहां भी सामने आया था। जबलपुर मामले में भी पुलिस सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
प्रदेश में सख्ती जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि होती है तो व्यापक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है।

