पन्ना में 2.45 करोड़ की नल जल योजना फेल, कागजों में पूरी, जमीन पर सूखी पाइपलाइन..
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के ग्राम बराछ में करोड़ों की नल-जल योजना जमीनी स्तर पर फेल साबित हुई। टूटी पाइपलाइन और बंद टंकी ने खोली व्यवस्था की पोल।
स्थान: पन्ना, रिपोर्टर: सचिन कुमार मिश्रा
2.45 करोड़ की नल-जल परियोजना कागजों में पूरी, जमीनी हकीकत में फेल
पन्ना जिले के ग्राम बराछ में करोड़ों की नल-जल परियोजना जमीनी स्तर पर विफल नजर आ रही है। लगभग 2 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से बनी यह योजना कागजों में पूरी दिख रही है, जबकि हकीकत में गांव के कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं रहा।
गांव में जगह-जगह टूटे पाइप, उखड़े नल और सूखी लाइनें इस परियोजना की पोल खोल रहे हैं। गांव के बाहर पंचवटी मंदिर के पास बनी बड़ी पानी की टंकी भी बेकार पड़ी है।
स्थानीय निवासी राम रतन रजक के अनुसार, टंकी सिर्फ एक बार साफ करने के लिए चालू की गई थी, लेकिन नियमित जल सप्लाई कभी शुरू ही नहीं हो पाई। आज भी ग्रामीण अपनी जरूरत के लिए कुओं और निजी नलकूपों पर निर्भर हैं।
गंभीर बात यह है कि परियोजना अधूरी होने के बावजूद पंचायत ने इसे पूर्ण घोषित कर दिया और हैंडओवर भी ले लिया।
पंचायत प्रतिनिधि संतोष प्रजापति ने बताया कि योजना कुछ समय के लिए चली थी, लेकिन बाद में बंद हो गई। साथ ही, करीब 16 लाख रुपये का बिजली बिल भी बकाया है, जिससे संचालन में दिक्कत आ रही है।
वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला अधिकारी संचित क्षेत्रपाल का कहना है कि योजना नियमानुसार पंचायत को सौंप दी गई है और अब इसके संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत की है।
यह मामला न सिर्फ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि “हर घर जल” के दावे की जमीनी सच्चाई भी उजागर करता है।

