अंकारा: तुर्की के 2,600 साल पुराने स्मारक पर खुदे हुए एक प्राचीन क्षतिग्रस्त शिलालेख को समझ लेने का दावा किया गया है। शोधकर्ता मार्क मुन का मानना है कि वह इस प्राचीन शिलालेख वाले स्मारक को समझने में कामयाब हो गए हैं, जिसे अर्सलान काया (शेर की चट्टान) कहा जाता है। इस स्मारक पर शेरों और स्फिंक्स की छवियां उकेरी गई हैं। शोधकर्ता ने इस स्मारक पर रिसर्च के जरिए बताया है कि प्राचीन तुर्की में यानी इस्लाम के आगमन से पहले किस तरह की पूजा पद्धति प्रचलन में थी।
खलीफा एर्दोगान के तुर्की में इस्लाम के पहले क्या था? 2600 पुराने शिलालेख से बड़ा खुलासा, मिला देवी का नाम

