यह अपने आप में हैरान करने वाली बात है कि देश में फोगाट फैमिली जिस महिला कुश्ती की नई परिभाषा बन गई थी अब वह विरासत दम तोड़ रही है। विनेश फोगाट के बाद परिवार से कोई महिला पहलवान फिलहाल दिखाई नहीं देता। यह संभव है कि गीता, बबीता, ऋतु, प्रियंका, संगीता और विनेश अपने बच्चों को कुश्ती में लेकर आएं। हालांकि, हरियाणा को लेकर कहा जाता है कि यह धरती पहलवानों से खाली कभी नहीं होगी। अब मानसी अहलावत को ही देख लीजिए।
मानसी अहलावत ने 2024 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के 59 किलोग्राम भारवर्ग में पूर्व चैंपियन और धाकड़ पहलवान अमेरिका की जैकेरा विनचेस्टर को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल रेसलिंग में भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी उठा ली। उन्होंने इसके बाद टर्किश पहलवान एडा टेकिन को हराया तो यूक्रेन की कीसोलोमिया विनीक को धूल चटाई।
विश्व चैंपियनशिप में मेडल के लिए हैं दावेदार
मंगोलियाई पहलवान सुखीगिन त्सेरेंचिमेद से उन्हें सेमीफाइनल में हार मिली, लेकिन इसके बावजूद वह इंटरनेशनल रेसलिंग में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में सफल रहीं। वह रेपेचेज में ब्रॉन्ज मेडल की अभी भी दावेदार हैं।
जिम्नास्ट के तौर पर करियर का आगाज रेसलिंग में बदला
खैर, रोहतक की रहने वाली मानसी शुरुआत में जिम्नास्ट थीं, लेकिन जिस अकैडमी में वह प्रैक्टिस के लिए जाती थीं वहां रेसलिंग भी सिखाई जाती थी। मानसी को रसेलिंग अच्छी लगती थी तो उन्होंने गेम को बदला। हालांकि, उनके तेवर नहीं बदले। वह जिम्नास्ट की तरह तेज तर्रार हैं तो रिंग में आक्रामक कुश्ती करती हैं। 2014 में जूनियर पहलवान के रूप में करियर का आगाज करने वाली मानसी से अब बड़े-बड़े पहलवान भी खौफ खाते हैं।
छोटे बाल और आक्रामक तेवर
ओलंपिक गोल्ड है मानसी अहलावत का लक्ष्य
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

