भस्मासुर से बचने के लिए महादेव रुके थे यहां…
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भोपाल 27 जुलाई 2019
होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी मध्यप्रदेश का एक मात्र हिल स्टेशन सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी भगवान भोले की नगरी के रूप में भी प्रसिद्ध है।
पचमढ़ी मध्य भारत का सबसे खूबसूरत पर्यंटन स्थल है। यहां का प्राकृतिक वातावरण ऊंची ऊंची पहाड़िया और सुंदरता लोगों को अपनी और आकर्षित करती है। इसलिए इसे सतपुड़ा की रानी भी कहते हैं। यही वजह है कि यहां देश के ही नहीं विदेशों से भी टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं। सिर्फ खूबसूरती ही नहीं यह धार्मिक दृष्टिकोण से भी प्रसिद्ध है। होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी समुद्रतल से 1,067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
पचमढ़ी को कैलाश पर्वत के बाद महादेव का दूसरा घर कहते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार,भस्मासुर ने भगवान शिव को प्रसन्न कर उनसे मन चाहा वरदान प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की उसकी तपस्या भगवान शिव प्रसन्न हो गये। और भस्मासुर से बोले भस्मासुर तुम्हारी तपस्या ने मुझे प्रसन्न कर दिया । मांग लो क्या वरदान चाहते हो । तो भस्मासुर ने भगवान शिव से कहा उसे ऐसा वरदान दीजिये। जिससे कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रखे वह भस्म हो जाये। भगवान भोले ने उसे यह वरदान दे दिया । कि वह जिसके सिर पर हाथ रखेगा वह भस्म हो जाएगा और भस्मासुर ने यह वरदान खुद शिवजी पर ही आजमाना चाहा और बचने के लिए भगवान शिव ने विंध्याचल पर्वत श्रेणी से पचमढ़ी में दो सकरी पहाडियो के बीच एक सकरी गुफा में पहुँचक आराम किया तब से उस गुफा का नाम गुप्त महादेव हो गया। फिर भगवान विष्णु ने मोहनी रूप धरकर भस्मासुर से स्वयं के ऊपर हाथ राखवाकर उसका वध किया।
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Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
