कांग्रेस सरकार बनाने की जद्दोजहद करेगी या विपक्ष में बैठेगी, फैसला आज

लोकसभा की 543 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 272 है। आइएनडीआइए गठबंधन को 232 सीट मिली हैं, जिनमें 99 सीट कांग्रेस की हैं।
लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा समेत किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला हो, लेकिन दोनों पक्ष सरकार बनाने की कवायद में जुट गए हैं। आइएनडीआइए में भी आवाज उठ रही है कि विपक्ष को सरकार बनाने की कोशिश करना चाहिए।
अब कांग्रेस सरकार बनाने की कवायद करेगी या विपक्ष में बैठेंगे, इस पर आज शाम फैसला हो जाएगा। शाम को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निवास पर आइएनडीआइए गठबंधन के 27 दलों की बैठक होना है। बैठक में कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ ही शरद पवार, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, तेजस्वी यादव मौजूद रहेंगे। ममता बनर्जी नहीं आ रही हैं, लेकिन उनके स्थान पर भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी मौजूद रहेंगे।

वही पटना से नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि आइएनडीआइए गठबंधन सरकार बनाने का प्रयास करेगा।महाराष्ट्र से खबर है कि यहां उद्धव ठाकरे बड़ा खेल कर सकते हैं। शिंदे गुट के 7 सांसद जीतकर आए हैं। इनमें से कुछ के उद्धव ठाकरे से सम्पर्क होने की आशंका है।
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने कहा, भाजपा को बहुमत नहीं मिला है। उन्हें लगभग 235-240 सीटें मिली हैं। वे मोदी की सरकार लाने की बात कर रहे थे। कहां है मोदी सरकार? चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार की बैसाखी से अगर एनडीए सरकार बनी, तो वह कभी भी गिर सकती है। बीजेपी ने अपना सम्मान खो दिया है। हमें ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए जिसने अपना सम्मान खो दिया हो। मोदी ब्रांड खत्म हो गया है।

बीजेपी ने जो सीटें जीती हैं, वे सभी ईडी, सीबीआई और आईटी के कारण जीती हैं। अगर वे सरकार बनाने जा रहे हैं तो उन्हें बनने दीजिए। हम इसका स्वागत करते हैं, क्योंकि यह एक लोकतंत्र है। उन्हें सरकार बनाने का अधिकार है, लेकिन फिर भी हमारे पास आवश्यक संख्या है। लोगों ने हमें 250 सीटें दी हैं और हमारे पास सरकार बनाने का जनादेश है। अगर चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार तय करते हैं कि वे एक तानाशाह का समर्थन नहीं करना चाहते हैं और लोकतंत्र के साथ खड़े होना चाहते हैं, तो क्या होगा क्या वे ऐसा करेंगे?’

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।