भोपाल के SIRT इंजिनीरिंग महाविद्यालय में शुक्रवार सुबह (अयोध्या बायपास) 9.30 बजे व्यापम संविदा वर्ग एक कि परीक्षा चल रही थी, ठीक इसी समय पर सागर उत्सव 2K9 (सागर महाविद्यालय का त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव 2019) का रंगारंग कार्यक्रम भी शुरू हो चुका था। एग्जाम सेंटर से मात्र 20 से 30 मीटर दूर डीजे बज रहा था जोर शोर से एवं छात्र छात्राएं शोर गुल करते हुए डीजे की धुन पर थिरक रहे थे, और परीक्षा केंद्र परिसर में स्थित सभाग्रह में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री भी मौजूद थे।
एवं आरजीपीवी विश्वविद्यालय के कुलपति सुनील गुप्ता एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं फार्मेसी कौंसिल के अधिकारीगण भी परीक्षा केंद्र के नज़दीक के मुख्य सभागार अनुभावनंद सभाग्रह में मौजूद थे । लेकिन किसी ने भी तकलीफ नहीं उठाई की एग्जाम के दौरान बज रहे डीजे और हो रहे शोर शराबे को बंद कराया जाए।
पीईबी के परीक्षा नियंत्रक ने मौखिक शिकायत मिलने के बाद भी कार्यवाही नही की।
जबकि व्यापम द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा के पूर्व नियम अनुसार क्षेत्र के थाने ,पुलिस को सूचना दी जाती है जिससे की परीक्षा सुचारू और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके एवं किसी भी प्रकार का व्यवधान परीक्षा के दौरान उत्पन्न ना हो।
साथ ही जहां परीक्षा आयोजित की जा रही है वहां के सेंटर संचालकों की भी जवाबदारी होती है की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार का व्यवधान पैदा ना हो ,लेकिन उक्त सागर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च टेक्नोलॉजी महाविद्यालय प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया एवं सागर उत्सव कार्यक्रम में मौजूद जिम्मेदार यह भूल गए की कुछ माह पूर्व जब वह विपक्ष में थे, तब सुबह दोपहर शाम व्यापम व्यापम जपते थे और जब उसी व्यापम (PEB) के द्वारा कोई परीक्षा आयोजित कराई जा रही है तो इतना भी ख्याल नहीं रखा कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो ,लेकिन महोदय तो रंगारंग उत्सव में व्यस्त थे। और सबसे शर्मनाक बात की RGPV के कुलपति सुनील गुप्ता इसी महाविद्यालय के ऊपर 48 घंटे पहले एक छात्र की शिकायत पर लोकपाल बैठाने एवं प्रबंधन को दंडित करने की बात न्यूज़ चैनल पर कर रहे थे एवं उक्त प्रकरण में कुलपति पर भी इसी प्रबंधन से कार्यक्रमों में फण्ड लेने की बात कही गयी है।
इस से ये स्पष्ट और सिद्ध होता है कि शिक्षा के बाज़ारीकरण में सिस्टम के लोग ही ऐसे व्यापारियों को न केवल संरक्षण देते हैं एवं पीड़ित छात्र छात्राओं सहित हज़ारों अभिवाकों का मनोबल तोड़कर शासकीय तंत्र को बोना दिखाते हैं। विचार कीजिये जिस संस्थान में कुलपति,पुलिस प्रशासन के लोग मौजूद हैं उसी प्रबंधन की लापरवाही की कोई सामान्य परीक्षार्थी या स्टूडेंट शिकायत करने की हिम्मत जुटा पायेगा! हमारी खबर का उद्देश्य कुम्भकर्ण की नींद में सो रही सरकार को जगाना है एवं साधारण पीड़ित छात्र छात्राओं एवं परीक्षार्थियों के साथ खड़े रहकर उन्हें न केवल न्याय दिलाना है बल्कि शिक्षा माफिया के खिलाफ मुहिम को मजबूत कर स्वस्थ और सरल शिक्षा प्रणाली को प्रदेश में लागू कराना है।
ज्ञात रहे इसी सागर समूह के स्कूल SIS (सागर इंटरनेशनल स्कूल) की बस में एक 3 वर्ष की बच्ची (स्कूली छात्रा) से इन्ही के स्टाफ कंडक्टर के द्वारा बदसलूकी (बलात्कार) की घटना सितंबर माह 2018 में घटी थी। उस वक्त भी प्रबंधन झूट बोलकर आरोपी को बचाने का प्रयास कर रहा था लेकिन इनके ज़िम्मेदार अधिकारी उस वक़्त झूठे साबित हुए थे जब आरोपी ने पुलिस पूछताछ में जुर्म कबूल करलिया था।
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Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
