कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले कमल नाथ के करीबी सैयद जाफर ने कहा- भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, सीसीए भी देश हित में

भोपाल। देश हित में हुए भाजपा के सभी निर्णयों का मैंने हमेशा स्वागत और समर्थन किया है। मैं कांग्रेस में रहते भी कभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोक हित के निर्णयों की सराहना की है। कई बार दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं ने आरएसएस के बारे में गलत टिप्पणी की थी उसका भी मैंने विरोध किया है। जब लव जिहाद पर कानून बना था उस समय कांग्रेस प्रवक्ता रहते मैंने लव जिहाद कानून स्वागत किया।
मैंने कभी भाजपा को मुस्लिम विरोधी नहीं कहा। यह बात कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने वाले कमल नाथ के करीबी सैयद जाफर ने नईदुनिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से प्रभावित रहा हूं। जाफर ने कहा कि सीएए देश हित में है, लेकिन सीएए को लेकर भारत की मुस्लिम लीग सुप्रीम कोर्ट क्यों गई है? क्या मुस्लिम लीग यह चाहती है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान के मुस्लिम को हिन्दुस्तान की नागरिकता दे दी जाए?
सैयद जाफर ने कहा कि सीएए के मामले में मुस्लिम लीग और केजरीवाल जैसे नेता भ्रम फैला रहे है। हकीकत तो यह है कि इस कानून से भारतीय मुस्लिम का कोई नुकसान नहीं होने वाला है। भारत के मुस्लिम लीग के हिसाब से क्या पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में मुसलमान प्रताड़ित हैं? और अगर प्रताड़ित हैं, तो मुस्लिम लीग को इस पर यह विचार करना चाहिए कि क्यों मुस्लिम मुल्क के नाम पर बने देशों में ही मुस्लिम प्रताड़ित हैं।
अगर मुसलमान मुस्लिम देशों में प्रताड़ित है तो फिर सवाल वहां की मुस्लिम सरकारों पर उठाना चाहिए ना कि हिंदुस्तान की सरकार से? मुस्लिम मुल्कों में प्रताड़ित मुस्लिमों के मामले में मुस्लिम लीग को 57 देशों वाले इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआइसी) से मुसलमानों के हित में न्याय की मांग करना चाहिए। भारत का मुस्लिम तो आज़ादी के बाद से आज तक भारत में सुरक्षित है।

हिन्दुस्तानी मुसलमान पूरे ईमान के साथ अपने वतन की मिट्टी के साथ है और पूरे भरोसे के साथ इस मुल्क के साथ खड़ा है। मुस्लिम लीग सुप्रीम कोर्ट में सीएए पर सवाल खड़ा करके हिन्दुस्तानी मुस्लिमों में भ्रम फैलाने की कोशिश बंद करें।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।