भोपाल | हाल ही में भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा मिला है। कस्टम एयरपोर्ट बनने के साथ ही एयरलाइंस कंपनियों के लिए यहां पर बेस स्टेशन बनाने की राह आसान हो गई है। इस साल के अंत तक कम से कम दो कंपनियां यहां बेस स्टेशन बना सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो सुबह की उड़ानें लेट होने और निरस्त होने की समस्याएं खत्म हो जाएँगी |
इसके पहले यहां पर इमिग्रेशन की व्यवस्था भी की जा चुकी है। कस्टम दर्जा मिलने से इंटरनेशनल उड़ानें शुरू होने की बाधा भी समाप्त हो चुकी है। अधिकांश एयरलाइंस कंपनियां विदेशी रूट की उड़ानों को वाया दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू या हैदराबाद से चलाती हैं। इन शहरों तक उड़ानों का संचालन भोपाल से पहले ही हो रहा है। बेस स्टेशन बनाने से कंपनियों को देर रात पहुंची उड़ान को भोपाल में ही पार्क करने की सुविधा मिलेगी।
भोपाल में एयर टरबाइन फ्यूल पर वैट की दर चार प्रतिशत है। यह दर देश में सबसे न्यूनतम है। बेस स्टेशन बनने से इसका लाभ भी एयरलाइंस कंपनियों को मिलेगा।
कस्टम एयरपोर्ट बनने के बाद एयरलाइंस कंपनियों को सुविधाओं के बारे में प्रेजेंटेशन दिया जायेगा, ताकि वे नई उड़ानें शुरू कर सकें। एयर इंडिया एवं इंडिगो को इस साल नए विमानों की डिलेवरी मिलेगी।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

