जबलपुर: जिले के बहुचर्चित लव जिहाद मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया है। इंदौर की रहने वाली अंकिता राठौर और जबलपुर के सिहोरा इलाके के रहने वाले हसनैन अंसारी ने शादी करने के लिए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया था। इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंकिता राठौर को 15 दिन के लिए नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया है।
दरअसल, अंकिता राठौर और हसनैन अंसारी ने आपसी रजामंदी से शादी करने का फैसला लिया था और इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय में आवेदन दिया था। हालांकि, इस मामले में कुछ लोगों ने विरोध जताया था। जिसके बाद दोनों प्रेमी जोड़े ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाई कोर्ट का फैसला
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया है कि अंकिता राठौर को 15 दिन के लिए नारी निकेतन में रहना होगा। इस दौरान वह अपने माता-पिता से भी नहीं मिल सकेंगी। कोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि अंकिता अपने फैसले पर फिर से विचार कर सके। कोर्ट ने हसनैन अंसारी को 15 दिनों तक पुलिस सुरक्षा देने के भी आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।
युवती की मां की फूट-फूट कर रोई
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अंकिता की मां अपनी बेटी से मिलने के लिए काफी बेताब थीं। उन्होंने कोर्ट परिसर में ही फूट-फूट कर रोई। बता दें कि इस मामले को लेकर बीजेपी नेता ने जमकर बवाल किया था। अब कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

