ग्वालियर: जिले में एक प्राइवेट चैतन्य टेक्नो स्कूल में 7वीं क्लास का छात्र तीसरी मंजिल से गिर कर घायल हो गया। उसके गिरने का लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे। घायल छात्र को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया और शरीर में भी गंभीर चोट आई है। घायल छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
दरअसल, शहर के हजीरा पीएचई कॉलोनी में रहने वाले पूर्व सैनिक धर्मेन्द्र तोमर का इकलौता बेटा ज्योतिदित्य सिंह तोमर (13) आंनद नगर में एक प्राइवेट चैतन्य टेक्नो स्कूल में क्लास 7वीं का छात्र है। गुरुवार के दिन ज्योतिदित्य सिंह स्कूल की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया। उसके सहपाठियों ने पुलिस को बताया कि ज्योतिदित्य ने सबके साथ लंच किया। उसने बताया कि उसके दांत में दर्द हो रहा था। लंच करने के कुछ देर बाद ज्योतिदित्य मिड एग्जाम में कंप्यूटर साइंस के नंबर पता करने का बोलकर क्लास से चला गया था। बाद में पता चला कि वह तीसरी मंजिल से नीचे गिर गया है।
गिरकर एक बार उछला फिर नहीं उठा
स्कूल के सीसीटीवी में घटना रिकॉर्ड हुई है। उसमें ज्योतिदित्य सिंह सीमेंट के कम्पाउंड में गिरता हुआ दिख रहा है। वह इतनी ऊंचाई से गिरा की जमीन पर गिरकर एक बार उछला और फिर उठ नहीं पाया। हादसे का पता लगते ही स्कूल में सनसनी फैल गई। परिजनों को भी इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद घायल छात्र को परिजनों ने गोला का मंदिर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
स्कूल प्रबंधन ने परिजनों से बोला झूठ
डॉक्टरों ने बताया है कि उसकी कलाई की हड्डी टूट गई है और शरीर में भी कई जगह चोटें आई हैं। ज्योतिदित्य सिंह के परिजनों का कहना है घटना स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हुई है। प्रबंधन से जब घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने झूठ बोला कि ज्योतिदित्य सिंह को क्लास रूम में चक्कर आ गया, जिसकी वजह से वह गिरा है। स्कूल ने उन्हें घटना के सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दिखाए। परिजनों ने आशंका जताई है कि ज्योतिदित्य को किसी ने तीसरी या चौथी मंजिल से धकेला है। परिजनों ने इस मामले की शिकायत थाने में की है। वहीं पुलिस घटना को लेकर जांच पड़ताल में जुड़ गई है।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
