ग्वालियर। न जान का खतरा न कोई धमकी फिर भी झूठी शान के लिए पुलिस सुरक्षा का तमगा लेकर घूम रहे शहर के कथित वीवीआइपी लाेगों की सुरक्षा अब लगातार छिनती जा रही है। मंगलवार को पूर्व विधायक से लेकर तमाम सिंधिया समर्थकों की सुरक्षा सख्त रवैया अपनाते हुए वापस ले लिया है।
न किसी का कोई बहाना चल रहा है न सिफारिश । हाईकोर्ट की फटकार के बाद अब हर उस व्यक्ति से सुरक्षा वापस ली जा रही है जो लंबे समय से इस सुरक्षा का उपयोग वीआइपी रुतबा दिखाने के लिए कर रहे थे । हालांकि अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो सुरक्षा वापस करने में आनाकानी कर रहे हैं , उनके पास ऐसे तर्क भी हैं जिन्हें अधिकारी भी सिरे से खारिज कर रहे हैं।
पुलिस की कार्यवाही में सोमवार को छह लोगों की सुरक्षा हटाई गई , वहीं मंगलवार को आठ और लोगों से सुरक्षा वापस ले ली गई है। इसमें कुछ सिंधिया समर्थक और पूर्व विधायक भी शामिल हैं ।
उद्योगपति मुकेश अग्रवाल से जब उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल किए तो उन्होंने बिगड़े सुरों में कहा कि मेरी सुरक्षा सामान्य नहीं हैं , ऊपरी लेवल से मिली है। वो नहीं हटाई जा सकती। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि राज्य सुरक्षा समिति के द्वारा मुझे सुरक्षा दी गई है।सुरक्षा देने से पहले समिति में प्रदेश के डीजीपी सहित वरिष्ठ अफसरों नें जांच की और जब उन्हें लगा कि मुझे सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए तो उन्होंने रिपोर्ट बनाकर दी। जिसके आधार पर प्रदेश के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा निश्शुल्क सुरक्षा उपलब्ध हुई है।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

