सीएम डॉ. मोहन यादव का बयान , बोले – कमलेश शाह को गाली देना उचित नहीं, नकुलनाथ आदिवासी समाज से माफी मांगे

भोपाल। छिंदवाड़ा में कांग्रेस प्रत्याशी और सांसद नकुलनाथ ने अमरवाड़ा से पूर्व विधायक कमलेश शाह का बिना नाम लिए गद्दार कहा। दरअसल कमलेश शाह ने अपनी विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। इस पर नकुलनाथ ने उनको गद्दार बताया। इस पर रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नकुलनाथ की टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए उसे आदिवासी समाज का अपमान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने अपने परिवार में ही कांग्रेस को बंद कर लिया है। अब कांग्रेस के नेता भाजपा में आकर अपने आप में सुकून पा रहे है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं को भी अवसर की प्रतीक्षा रहती है और यह सिर्फ भाजपा में संभव है। उन्होंने कहा कि सभी समाज के लोगों के साथ चलने की भाजपा की परंपरा है, जो सहज लोगों को आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और खासकर इनके बड़े नेताओं ने अपने परिवार में कांग्रेस को बंद कर लिया है। उनकी पत्नी, उनके बेटे वही नेता बनने चाहिए। आम समाज का कोई व्यक्ति नेता नहीं बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमलनाथ जी के बेटे नकुलनाथ जी छिंदवाड़ा कांग्रेस के प्रत्याशी हैं। आदिवासी समाज के नेता कमलेश शाह अभी तक कांग्रेस में थे, तो बहुत अच्छे थे। जिनकी तीन पीढियां विधायक रही हैं। कमलेश शाह जी राज परिवार के सदस्य हैं, शाह जी हमारे परिवार में शामिल हो गए हैं अब उनको गद्दार, बिकाऊ कहना और गाली देना.. मैं इसे किसी भी दृष्टि से उचित नहीं मानता।
उन्होंने कहा कि नकुलनाथ जी द्वारा आदिवासी समाज के ऐसे नेता को गाली देना, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें उनसे और उनके पूरे समाज से क्षमा मांगना चाहिए।
सीएम ने कहा कि छिंदवाड़ा में कमलनाथ जी की स्थिति बहुत गड़बड़ है। ये वो गड़बड़ी के प्रमाण हैं कि ये किसी समाज को नहीं जानते और किसी के बारे में कुछ भी बोल देते हैं। अपमान कर देते हैं राजनीति में इससे किसी की छवि नहीं बनती है। समाज के इतने बड़े व्यक्ति का उसके उल्टे जब कमलेश शाह जी आए तो उन्होंने सम्मान के साथ कहा कि कमलनाथ जी मेरे आदरणीय रहे हैं। जब कमलेश शाह जी विनम्रता रख रहे हैं, सम्मान रख रहे हैं लेकिन आप उनको गाली दे रहे हैं।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।