सागर जिले के रहली में स्थित नौरादेही अभ्यारण्य और दमोह जिले के रानी दुर्गावती वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को मिलाकर विगत वर्ष सितंबर महीने में मध्यप्रदेश के सातवें टाइगर रिजर्व वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की स्थापना की गई थी। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व में टाइगरों का कुनबा बढ़ाने के लिए इसी सप्ताह एक नर एवं एक मादा टाइगर को बांधवगढ़ से लाकर छोड़ा गया है।
टाइगरों सहित अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा के मद्देनजर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए एक अप्रैल से टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले रहली-जबलपुर मार्ग से सूर्यास्त से सूर्योदय तक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंधित लगा दिया है। आज से करीब 22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग से रात्रि में वाहन नहीं गुजर सकेंगे। हालांकि, आपातकालीन स्थिति में वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इसकी अभी अधिसूचना जारी कर दी है। ये फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़क पर जबलपुर और सागर की तरफ से वाहनों की काफी आवाजाही होती रहती है। कोर एरिया से गुजरने वाली सड़क को रात के समय बाघ और दूसरे वन्य प्राणी पार करते रहते हैं।ऐसे में वन्यप्राणियों को दिक्कतों का सामना ना करना पडे और दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके ।इसलिए ये फैसला एक अप्रैल से लागू किया जा रहा है |
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

