ईरान ने इजरायल के हमले को कम करके दिखाना शुरू किया, क्या पलटवार से बच रहा शिया देश, समझें

तेल अवीव: इजरायल ने ईरान की मिलिट्री साइट्स पर हमला किया है। 1 अक्टूबर को ईरान की ओर से इजरायल पर हुए हमले का यह जवाब है। ईरान की राजधानी तेहरान में जोरदार धमाके सुने गए। लेकिन ईरान अब इजरायली हमले को कम करके बताने में लगा है। ईरान का कहना है कि कई शहरों में सुनी गई आवाजें उसकी अपनी एयर डिफेंस सिस्टम के कारण हुई हैं। एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि यह झूठ है। हमले में किसी भी तरह का अवरोध नहीं आया।

ईरानी सरकार के करीबी राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद मरांडी ने एयर स्ट्राइक खत्म होने से पहले ही अल जजीरा को एक इंटरव्यू देते हुए हमले को कम महत्व दिया। उन्होंने कहा कि ईरान भीषण हमलों की उम्मीद कर रहा है और वह इजरायल से युद्ध को तैयार है। शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने कथित तौर पर ईरानी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा था। उन्होंने इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए योजना तैयार करने को कहा था।

ईरान ने किया था हमला

ईरान ने हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इजरायल पर हमला किया था। लगभग 200 मिसाइलें इजरायल पर दागी गई थीं। तब से इजरायल की ओर से जवाबी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा था। अमेरिका लगातार इजरायल से ईरान के तेल या न्यूक्लियर साइटों को निशाना न बनाने की बात करता रहा है। क्योंकि यह दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू कर सकता है। इतना ही नहीं पूरी दुनिया में तेल का दाम भी बढ़ सकता है।

मिसाइल हमले की चेतावनी

ईरान ने कहा था कि उसकी तेल, बुनियादी ढांचे या न्यूक्लियर फैसिलिटी पर इजरायल हमला करता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर इजरायल का हमला कुछ सैन्य ठिकानों या मिसाइलों और ड्रोन के गोदामों पर होता है तो ऐसा नहीं होगा।

रिपोर्ट में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि अगर हमले में बड़ा नुकसान होता है तो ईरान 1000 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल दाग सकता है। इसके अलावा फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शिपिंग के प्रवाह को बाधित करने पर विचार कर सकता है।
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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।