श्रीलंका बम धमाकेः ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया से पढ़ कर श्रीलंका में बसने लौटा था हमलावर

ईस्टर संडे के दिन श्रीलंका में हुए सीरियल धमाके के हमलावरों को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं.

श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री ने बताया कि हमलावर ने ऑस्ट्रेलिया में एक कोर्स करने से पहले ब्रिटेन में पढ़ाई की थी.

इन आठ बम धमाकों में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अब तक 359 लोगों के मौत की पुष्टि की जा चुकी है जबकि 500 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं.

श्रीलंका हमला, Sri Lanka Attack
Image captionश्रीलंका में चरमपंथी हमले में मारे गए लोगों को नई दिल्ली स्थित सेक्रेड हार्ट चर्च में भी श्रद्धांजलि दी गई

श्रीलंकाई प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि इन विस्फ़ोटों से इस्लामिक स्टेट (आईएस) को जोड़ा जा सकता है.

उधर इस्लामिक स्टेट ने कहा कि इन हमलों के लिए वो ज़िम्मेदार हैं, लेकिन आईएस ने इसे लेकर कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं दिया जैसा कि वो पहले के अपने हमलों के बाद देते रहे हैं.

पुलिस ने बताया कि चर्चों और होटलों में हुए इन बम धमाकों में अब तक नौ में से आठ हमलावरों की पहचान कर ली गई है. यह भी बताया गया कि इनमें से एक महिला हैं और कोई भी हमलावर विदेशी नहीं है.

नेगोम्बो का चर्च

देश में ‘चल रहे चरमपंथी साजिश’ को लेकर श्रीलंका स्थित अमरीकी राजदूत एलियाना टेपलिट्ज ने भी बुधवार को चिंता जताई.

उन्होंने कहा कि चरमपंथी बिना चेतावनी दिये उन सार्वजनिक जगहों पर हमला करेंगे जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं.

इस बीच, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने सुरक्षा बल और पुलिस का पुनर्गठन करने का संकल्प लेते हुए बताया कि इस हमले को लेकर कोई चेतावनी पहले साझा नहीं की गई थी.

श्रीलंका हमला, Sri Lanka Attack

हमलावरों के बारे में क्या पता है?

संदिग्ध हमलावरों के बारे में श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री रुवान विजयवर्दने एक संवाददाता सम्मेलन में और जानकारी दी.

उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि आत्मघाती हमलावरों में से एक ने ब्रिटेन में पढ़ाई की थी फिर बसने के लिए वापस श्रीलंका लौटने से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई की थी.”

विजयवर्दने ने बताया, “अधिकांश हमलावर अच्छी तरह शिक्षित हैं और आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों से आते हैं.”

कथित रूप से इनमें से दो हमलावर आपस में भाई हैं और कोलंबो के अमीर मसाला व्यापारी के बेटे हैं.

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि इन्होंने शांगरी-ला और सिनैमन ग्रैंड होटल में विस्फोटक रखे थे.

अधिकारियों ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इस्लामिक स्टेट और हमलावरों के बीच कोई संबंध था.

अभी तक किसी भी संगठन ने इन बम हमलों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है

सरकार एनटीजे को ज़िम्मेदार बता रही

श्रीलंकाई सरकार ने इन हमलों के लिए इस्लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) को ज़िम्मेदार बताया है.

लेकिन विक्रमसिंघे ने कहा कि ऐसे हमले ‘केवल स्थानीय स्तर पर नहीं किये जा सकते.’

उन्होंने बताया कि पुलिस ने अब तक 60 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. आगे किसी हमले को रोकने के लिए आपातकाल लगाया गया है.

श्रीलंका हमला, Sri Lanka Attack

रविवार को ईस्टर संडे के दौरान बड़ी संख्या में चर्चों में लोग जुटे थे. इसी दौरान राजधानी कोलंबो के तीन चर्चों को निशाना बनाया गया.

विक्रमसिंघे ने बताया कि इस दौरान एक होटल पर चौथे हमले को नाकाम किया गया था.

उन्होंने इसकी भी चेतावनी दी कि अभी कुछ हमलावर और विस्फोटक बाहर हो सकते हैं.

देश में अभी तनाव का माहौल है और पुलिस संदिग्धों और संभावित विस्फोटकों को लेकर तलाशी कर रही है.

35 से ज़्यादा विदेशी नागरिक इन चरमपंथी हमलों के शिकार बने हैं

हमले के पीछे कौन हो सकता है?

इस्लामिक स्टेट ने तीन दिन बाद मंगलवार को अपने मीडिया पोर्टल ‘अमाक़’ के ज़रिए इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.

अमाक़ में दावा किया गया है, “परसों जिन हमलावरों ने (इस्लामिक स्टेट विरोधी, अमरीकी गठबंधन) के नागरिकों और श्रीलंका के ईसाईयों को निशाना बनाया था वो इस्लामिक स्टेट के लड़ाके थे.”

आईएस ने अपने दावे को लेकर कोई सबूत पेश नहीं किया है. हालांकि उसने सोशल मीडिया पर आठ लोगों की एक तस्वीर जारी कर उन्हें हमलावर बताया है.

मार्च में आईएस का अंतिम क़िला ढह गया था, इसके बावजूद विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि इसका मतलब यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि आईएस का ख़ात्मा हो गया या यह विचारधारा ख़त्म हो गई है.

उप रक्षा मंत्री रुवान विजेवर्देने ने संसद को बताया कि एनटीजे एक अन्य कट्टरपंथी इस्लामिक समूह से जुड़ा हुआ है जिसका नाम उन्होंने जेएमआई बताया. उन्होंने इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी.

उन्होंने कहा, ‘संसदीय जांच’ इस बात की ओर इशारा करती है कि ये धमाके न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में मार्च के महीने के दौरान मस्ज़िदों में हुए हमले का बदला लेने के लिए किये गए हैं.”

एनटीजे का बड़े स्तर पर हमला करने का कोई इतिहास नहीं रहा है लेकिन बीते वर्ष एक बुद्ध प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने में इसका नाम सामने आया था.

श्रीलंका के हमले में मारे गए लोगों की तादाद बढ़कर हुई तीन सौ से ज़्यादा

सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया

इस बीच श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में 38 विदेशी नागरिक हैं. इनमें कम-से-कम आठ ब्रिटिश और 11 भारतीय नागरिक हैं.

14 मृतकों की अभी पहचान नहीं हो सकी है.

श्रीलंका हमला, Sri Lanka Attack

मृतकों में अधिकांश लोग श्रीलंका के हैं. मंगलवार को श्रीलंका ने आधिकारिक रूप से एक दिन का शोक मनाया. देश भर में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया.

इसी दिन 30 मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार भी किया गया.

यह आयोजन कोलंबो के उत्तर में नेगोमबो के सेंट सेबेस्टियन चर्च में किया गया. रविवार को इस चर्च को भी निशाना बनाया गया था.

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।