ऑनलाइन गैंबलिंग से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी,आखिर कब….

क्या ऑन लाईन जुआ में बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी !आखिर कब लगेगी प्रदेश में रोक !

07/अगस्त/2022

केसरिया न्यूज़, आलोक हरदेनिया….

पुरातनकाल से ही जुआ सट्टे खेलना बुरा माना जाता रहा है। कानूनी रूप से भी यह अपराध की श्रेणी में ही आता है। पुलिस अगर किसी व्यक्ति को जुआ सट्टा खेलते हुए पकड़ ले, तो वह 13 जुआ एक्ट की कार्यवाही करते हुए खेलने वाले को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करती है। इसमें न्यायालय द्वारा सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है।

वहीं दूसरी और वर्चुअल दुनिया मे यह बिना रोक टोक के जारी है। जानी मानी नामचीन सिनेमा जगत एवं क्रिकेट जगत की हस्तियां इन्हें खेलने के लिए लोगों को विज्ञापन के माध्यम से प्रेरित करती हैं। एवं विज्ञापन के आखिर में इस खेल मे वित्तीय जोखिम है और अपने विवेक से खेलें, इसकी लत भी लग सकती है! कहकर तत्काल पल्ला भी झाड़ते हुए दिखती हैं।

Online Gambling जुआ खिलाने वाली कंपनियां जिनमे प्ले_रमी, जंगल_रमी , A23 रमी और भी अन्य कंपनी लोगों को पहली बार मे बोनस का लालच दिखाकर जुआ का खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करती है। एक बार जहाँ इन ऑनलाइन जुआ खिलाने वाली कंपनी का आपने मोबाईल में एप्लीकेशन इंस्टॉल किया,उसके बाद रजिस्टर कर के उसमें बैंक एकाउंट,आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि साझा करके, उस खेल को खेलना शुरू करते ही आपके रुपयों का आदान – प्रदान , हार और जीत के साथ चलता रहता है।

खेल में जीते तो पैसा आयेगा और हारे तो जायेगा , लेकिन जुआ खिलाने वाली कंपनी के पास हर बाजी में पैसा कमीशन के माध्यम से आयेगा ही आयेगा लेकिन जायेगा नही। ये कंपनियां जुआ खेलने वालों से 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक का कमीशन वसूलती हैं। और मोटी कमाई भी करती है। ऐसा ही कुछ मिलता जुलता हाल क्रिकेट और अन्य खेलों पर सट्टा खिलाने वाली ऑनलाइन कंपनियों का है। उसमें में भी मोबाईल पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की टीम बनाकर उसे खेला जाता है। देश के कुछ राज्यों में इस तरह के जुआ सट्टे के ऑनलाइन गेमों को राज्य सरकारों ने बंद किया है। लेकिन मध्यप्रदेश में इन जुआ_सट्टा खिलाने वाली कंपनियों के एप्प को बंद नही किया गया है और न ही कोई सख्त कदम उठाए गए हैं।

मार्च 2022 में पचमढ़ी में आयोजित प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग (चिंतन_शिविर) के दौरान हमारे प्रश्न पर गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा से ऑनलाइन जुआ सट्टे को बंद करने को लेकर सवाल किया गया था, तब उन्होंने उत्तर देते हुए कहा था कि,अच्छा सुझाव है इस पर जरूर विचार करेंगे।

क्या भारत में लीगल है ऑनलाइन गैंबलिंग गेम और ऐप्स?

भारत में जुआ कानून कन्फ्यूज करने वाला है क्योंकि इसकी वजह,कारण ये है कि ‘स्किल गेम्स’ और ‘चांस गेम’ के बीच  स्पष्ट अंतर है। भारतीय कानूनों के अनुसार चांस गेम पर सट्टेबाजी अवैध है। जबकि स्किल के खेल पर दांव लगाना कानूनी है। अब यह तय कर पाना मुश्किल है कि,कौनसा खेल चांस का है या फिर स्किल की कैटेगरी में आता है।

साथ ही एक अनुमान के मुताबिक सबसे ज्यादा ऑनलाइन जुआ सट्टे एप्प का उपयोग प्रदेश की युवा पीढ़ी कर रही है। और अपनी खून पसीने की कमाई इसमे बर्बाद भी कर रही है। प्रदेश सरकार को ऐसे ऑनलाइन गेमों पर तत्काल रोक लगानी चाहिए। बहरहाल देखने वाली बात तो अब यह होगी आखिर प्रदेश सरकार इन जुआ सट्टा खिलाने वाली कंपनियों पर हमारे प्रदेश में रोक कब तक लगा पाती है! यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।