पन्ना जिले में गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण…
ग्राम पंचायत रमखिरिया के राजापुर में ग्रामीण (गौंड) परिवार के लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर!
बड़ी खबर केसरिया खबर@sms
16/मई/2020 पन्ना,मप्र
सचिन कुमार मिश्रा…
सत्ता और सरकार बेखबर!
वैसे तो मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा,मंच से तो खूब नारे लगते हैं और बड़ी-बड़ी बातें भी की जाती हैं,लेकिन जब जमीन पर हकीकत जानेंगे तो देखेंगे की केवल एक क्षेत्र के लगभग 400 से 500 गरीबी में गुजर बसर करने वाले ग्रामीण (गोंड एवं अन्य) लोगों के आशियानों मे पीने का पानी तक नही पहुंच पा रहा है। और इस से सरकार के सरकारी सिस्टम पर भी प्रश्न चिन्ह उठ खड़ा हो रहा है! हालांकि ये कोई नई बात नही है। पर कोरी घोषणाओं को आइना दिखाती हमारी ये एक्सक्लूसिव खबर जरूर आपको सच से रूबरू कराएगी।
बात पन्ना जिले के अंतर्गत पन्ना विधानसभा के ग्राम पंचायत रमखिरिया (जो की कैबिनेट मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह का क्षेत्र है) के राजापुर की है,जिसके ग्रामीण लोग पी रहे हैं पशुओं की क्रियाओं वाला पानी वो भी लगभग 1 से 2 किलो मीटर की दूरी तय करकर।
ग्रामीण लोगो से प्राप्त जानकारी अनुसार बताया गया कि, कई बार गुहार लगाई है,लेकिन कोई सुनने वाला ही नही है। ग्राम मे लगा हुआ हैंडपंप जिससे निकलने वाले पानी मे इतनी बदबू/दुर्गंध आती है की अगर कोई हाथ भी साफ कर ले, तो घंटो बदबू नही जाती है। वहीं दूसरा हैण्डपंप जिसमे पानी है लेकिन उसकी साफ-सफाई और रखरखाव ना होने के कारण वह भी जबाब दे चुका है।
यही नहीं,साथ ही ग्रामीण ने जानकारी देते हुये बताया की प्रधानमंत्री की जनहितैषी “नल जल” योजना के कारण,हमारे ग्राम मे बनी हुई सीसी सड़क को ठेकेदार ने खोद डाला है, जबकि हम सभी ग्रामीण गुहार लगाते रहे की बगल मे जगह है वहां से लाइन डाल दो लेकिन ठेकेदार ने एक नही मानी और बीच में सड़क खोद डाली और अब पानी की भी कोई आशा नही और ना ही कोई इस ओर ध्यान दे रहा है। अब जाएं तो कहा जाएं।
बात अगर “नल जल” योजना की है, तो अभी तक लगभग 8 से 10 बोर हो चुके है लेकिन किसी मे भी पानी की आस नही है! कुछ जगह पाईप डाले गये लेकिन अभी तक टंकी (ओवर हेड टैंक) का निर्माण पूरा नही हुआ है। ठेकेदार को पानी देने की कोई जल्दी भी नही है।
वह कहावत है, का वर्षा जब कृषि सुखानी।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
