अब मेरी भी सुनो सरकार!

अब मेरी भी सुनो सरकार………..

नर्मदा संरक्षण के लिए अन्न त्याग कर आंदोलन को हुए 582 दिन ..

बड़ी खबर केसरिया खबर@sms

शेलेन्द्र मिश्रा (शैली)

22/मई/2022

भोपाल – मेडिकल साइंस के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना अन्न के 8 सप्ताह से ज्यादा जीवित नही रह सकता है। लेकिन हम आपको आज एक ऐसे संत के बारे में बता रहे है जो पवित्र नदी मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा के संरक्षण के लिए लगातार 582 से दिनों अन्न का त्याग कर सिर्फ नर्मदा जल पीकर आंदोलन कर रहे है , समर्थ सद गुरु संत भैया जी सरकार के बारे में , भैया जी सरकार ने पुण्य सलिला माँ नर्मदा की सेहत सुधारने के लिए धरा , धरती , गौवंश के संरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे है। जो कि निरंतर जारी है। भैया जी सरकार 5 बार नर्मदा परिक्रमा कर चुके है। 582 दिनों के दौरान सिर्फ 2 बार भैया जी सरकार की तबीयत खराब हुई जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, लेकिन तब भी उन्होंने अन्न ग्रहण नही किया ।

 

आलोक हरदेनिया….

भैया जी सरकार के साथ रहने वाले उनके सहयोगी छोटे राव साहब ने केसरिया डिजिटल न्यूज से चर्चा में बताया कि, नर्मदा नदी के किनारे और उनकी सहायक नदियों के किनारे कई स्थानों पर भक्तों के माध्यम से पेड़ लगाने का कार्य बड़े पैमाने पर किया गया है। जिसका रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी है।

 

ये है प्रमुख मांगे ……

नर्मदा नदी को जीवित ईकाई का दर्जा दिया जाये

नर्मदा नदी को संरक्षण करने के लिए ठोस कदम उठाये जाये, 

अवैध उत्खनन पर रोक लगाई जाये, कैचमेंट एरिया में किसी भी प्रकार के निर्माण को मंजूरी न मिले

गौवंश धरा धेनु को संरक्षित किया जाये, अधिक से अधिक वृक्ष लगाये जाये।

शोध का विषय…….

अन्न के बाद आहार का दर्जा अगर किसी को दिया जाता है तो वह दूध है लेकिन भैया जी सरकार के नर्मदा जल पीकर आंदोलन ने अब एक नई बहस छेड़ दी है । क्या नर्मदा जल को भी आहार के रूप में लिया जा सकता है यह एक शोध का विषय है। क्योंकि भैया जी सरकार तो लगातार नर्मदा जल पीकर ही आंदोलन कर रहे है।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।