नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर कंपनी ब्लैकरॉक इंक भारत में मुकेश अंबानी की जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के साथ मिलकर एक प्राइवेट क्रेडिट वेंचर स्थापित करने के लिए बातचीत कर रही है। इसका उद्देश्य भारत में डायरेक्ट लेंडिंग के बढ़ रहे अवसरों का फायदा उठाना है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। इसमें दोनों कंपनियों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी और यह बड़ी कंपनियों से लेकर स्टार्टअप को लोन देगी। अगर यह डील आगे बढ़ती है तो यह रिलायंस और अमेरिका की ब्लैकरॉक के बीच तीसरा वेंचर होगा। इससे पहले दोनों कंपनियां एसेट मैनेजमेंट और स्टॉक ब्रोकिंग बिजनस में हाथ मिला चुकी हैं।
भारत में बड़ा दांव
सूत्रों ने कहा कि इस वेंचर पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और कंपनियां अभी भी साझेदारी को आगे न बढ़ाने का फैसला कर सकती हैं। ब्लैकरॉक और जियो फाइनेंशियल के प्रवक्ताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से ग्लोबल स्तर पर प्राइवेट क्रेडिट का बाजार $1.7 ट्रिलियन पहुंच चुका है। यही वजह है कि ब्लैकस्टोन इंक जैसी कंपनियां भारत में बड़ा दांव खेल रही हैं।
कौन हैं लैरी फिंक
ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक को दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान माना जाता है। इसकी वजह ब्लैकरॉक $10 ट्रिलियन से ज्यादा एसेट मैनेज करती है। यह भारत की जीडीपी का करीब ढाई गुना और अमेरिका की जीडीपी का आधा है। ब्लैकरॉक की हैसियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के कुल शेयरों और बॉन्ड्स का 10% यही कंपनी संभालती है।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
