नई दिल्ली: अनिल अंबानी की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस पावर अपना कर्ज कम करके ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में थीं। लेकिन सरकारी कंपनी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने फर्जी बैंक गारंटी जमा करने के आरोप में रिलायंस पावर और उसकी सहायक कंपनियों को अगले तीन साल तक किसी भी अनुबंध के लिए बोली लगाने से प्रतिबंधित कर दिया है। देश में रिन्यूएबल एनर्जी कार्यान्वयन एजेंसियों में से एक एसईसीआई ने एक बयान में कहा कि जून में जारी 2000 मेगावाट की स्टैंडअलोन बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए निविदा में उसने पाया कि रिलायंस एनयू बीईएसएस ने ईएमडी के अगेंस्ट जो बैंक गारंटी एनडोर्समेंट सौंपा था वह फर्जी था।
कंपनी का तर्क
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में रिलायंस पावर ने इसे अनुचित कार्रवाई करार दिया और कहा कि वह इस निर्णय को चुनौती देगी। कंपनी ने कहा, ‘रिलायंस पावर और उसकी सहायक कंपनियों ने ईमानदारी से काम किया और वे धोखाधड़ी, जालसाजी और धोखाधड़ी का शिकार हुई हैं।’ कंपनी ने कहा कि उसने 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में एक तीसरे पक्ष के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसने कथित फर्जी बैंक गारंटी की व्यवस्था की थी। SECI ने परियोजना के लिए बोलियां प्राप्त करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर सेलेक्शन जारी किया था।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

