उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव 2022..दल बदल की राजनीति के बीच कांग्रेस ने जारी की 125 उम्मीदवारों की पहली सूची जिनमे 50 महिलाओं को भी टिकट….
बड़ी खबर केसरिया खबर @sms
13/जनवरी/2022
नई दिल्ली/यूपी
शैलेंद्र मिश्रा शैली-9425030127
जैसे-जैसे यूपी का विधानसभा 2022 का चुनाव नजदीक आरहा है,वैसे ही दलबदलू सामने आने लगे हैं। जिनमे वर्तमान की योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में शामिल हुए नेता और मंत्री पद का लाभ भी ले चुके लोग शामिल हैं।

दूसरी और यूपी कांग्रेस के लिए अच्छी खबर है, जहां पहली सूची प्रत्याशियों की जारी हो गयी है। जिसमे 50 महिला उम्मीदवारों को भी भाग्य आज़माने का मौका मिल गया है,कुल 125 लोगों की पहली सूची में।
इसे हम प्रियंका गांधी वाड्रा फैक्टर के रूप में भी देख सकते हैं। दरअसल पिछले कुछ वर्षों में राहुल गांधी की बहन और सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका वाड्रा ने अपनी माँ और भाई को सहयोग देते हुए कांग्रेस पार्टी जॉइन की और सीधे यूपी में अपनी शुरुआत की।
दरअसल केंद्र की राजनीति और सिंहासन को पाने के लिए यूपी में जीत आवश्यक है और फ़िलहाल तो कांग्रेस उत्तरप्रदेश में अपना वजूद वापस पाने की जद्दोजहद में लगी है।
कांग्रेस के लिए प्रियंका गांधी की सक्रियता के कई मायने भी हैं। भारत के महत्त्वपूर्ण राज्यों में से एक सबसे बड़ा राज्य यूपी ही है, जहां गांधी परिवार के लिए हमेशा से ही भावनात्मक लाभकारी रिश्ता राजनीति के लिहाज से भी रहा है।
इंदिरा गांधी, संजय गांधी,राजीव गांधी,सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी इस प्रदेश की जनता ने भरपूर प्यार दिया और सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाया वो भी लगातार।
अब कांग्रेस प्रियंका गांधी वाड्रा में स्वर्गीय इंदिरा गांधी की छवि को ढूंढती है और उसी के बलबूते एक बार फिर यूपी की सत्ता में काबिज होने चाहती है। जो कि मुश्किल बहुत है लेकिन नामुमकिन नही।
समाजवाद और हिन्दू राजनीति का गढ़ है उत्तरप्रदेश एक उत्तरप्रदेश में ही कई भारत बस्ते हैं। यहां चंद मीलों के अंतर पर ही सत्ता और सियासत का मूड बदल जाता है। और हर वर्ग का कोई न कोई नेता राज्य की सत्ता में अपना महत्त्व रखता है। और ये बात भारतीय जनता पार्ट बीजेपी भी भली भांति ही समझ ती है जिसके कारण आज बीजेपी लगातार दूसरी बार केंद्र में भी स्थापित है।
क्षेत्रीय दलों में सपा और बसपा के लिए भी बहुत गुंजाइश है और इसी के चलते मायावती,मुलायाम सिंह और अब अखिलेश राज्य के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं।
भले ही 2022 के चुनाव में देश का मीडिया भाजपा और सपा का सीधा मुकाबला यूपी के विधानसभा 2022 के चुनाव में देख रहा है। लेकिन केसरिया न्यूज़ डॉट कॉम ने अपनी खोजबीन में पाया है कि 2022 के चुनाव सीधे अब हिन्दुतत्व की राजनीति के पुल से नही गुजरेंगे। यहां क्षेत्रीय मुद्दे और ब्राह्मण,कायस्त,कुशवाह,मुस्लिम,जैन,बनिए एवं कुछ अन्य जातियां जिनका वोट बैंक भले ही कमज़ोर हो लेकिन ये लोग विचार कर रहे हैं। ये जातपात के मुद्दे से आगे बढ़ चुके हैं,ये भली भांति समझ रहे हैं कि रोजगार और शिक्षा कितनी ज़रूरी है। और कोरोना काल ने सत्ताधारियों और अन्य की असली उपयोगिता और सच्चाई को भी सामने लाकर रख दिया है।
डिजिटल उन्नति से आमजन को कितना लाभ मिला है ये तो चुनाव के परिणाम तय करेंगे और भारत ने इनदिनों जो पूंजीवाद की राह पकड़ी है उसको सबसे ठीक ढंग से उत्तर प्रदेश की जनता जानती है। मंदिर-मस्जिद के नाम पर अपनी दुकान चलाने वालों के चेहरे भी सार्वजनिक हो चुके हैं। फर्क इतना है कि हर दल अपने बड़े वोटबैंक को बचाये रखने की खातिर हमेशा छोटे वोट बैंक य उनके प्रतिनिधित्व पर करारा वार करता रहा है।
प्रत्याशियों की लिस्ट संगलन????
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
