वरुण गांधी ने रेलवे और बैंक्स के निजीकरण को लेकर चिंता व्यक्त की, कहा- बड़ी संख्या में नौकरियों को होगा नुकसान….
बड़ी खबर केसरिया खबर@sms
22/फरवरी/2022
शैलेंद्र मिश्रा….
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी अपने तीखे बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। और वरुण गांधी अपनी ही पार्टी की सरकार (केंद्र सरकार) के खिलाफ भी बेबाकी से बयान देते हैं और समय-समय पर केंद्र व राज्य सरकार के फैसलों की आलोचना करने से भी वह नही चूकते हैं।
इसी क्रम में उन्होंने बैंकों और रेलवे के निजीकरण को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन दोनों सेक्टर्स का निजीकरण होने से बड़ी संख्या में नौकरियों को नुकसान होगा।
सांसद वरुण गांधी ने एक ट्वीट कर लिखा कि केवल बैंक और रेलवे का निजीकरण ही 5 लाख कर्मचारियों को ‘जबरन सेवानिवृत्त’ यानि बेरोजगार कर देगा। समाप्त होती हर नौकरी के साथ ही समाप्त हो जाती है लाखों परिवारों की उम्मीदें। सामाजिक स्तर पर आर्थिक असमानता पैदा कर एक ‘लोक कल्याणकारी सरकार’ पूंजीवाद को बढ़ावा कभी नहीं दे सकती।

हालांकि गत वर्ष, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा था कि “रेलवे का कभी भी निजीकरण नहीं किया जाएगा”। बता दें कि 1.3 मिलियन से अधिक कार्यबल के साथ भारत का ट्रेन नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा है। ज्ञात रहे इससे पूर्व वरुण गांधी ने ट्वीट कर केंद्र सरकार को आड़े हाथों ले लिया था।
उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि देश का किसान या छोटा दुकानदार हजारों रुपए का भी क़र्ज़ न चुका पाए तो उनकी कुर्की होगी या उन्हे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन हजारों करोड़ की चोरी करने वालों को आसानी से जमानत मिल जाती है और ये लोग मनमानी कीमत पर लेन-देन कर फिर से अपने वैभवशाली जीवन में लौट जाते हैं।
इसके अलावा..विगत कुछ वर्षों में केंद्र सरकार का निजीकरण पर जोर अधिक देखा गया है। जिसके कारण देश मे सरकारी नोकरी और कुछ महत्वपूर्ण सेवाओं पर इसका असर भी दिखा। अभी तक सरकारें आमजन के हितों को ध्यान में रखकर बहुत ही कम सेवाशुल्क पर ज़रूरी सरकारी सेवाएं देती आयी हैं। लेकिन समय के साथ इन सब पर निजीकरण की परछाई का असर भी देखा गया है।
हालांकि हमेशा तर्क यह दिया जाता है कि यदि उच्च स्तरीय सेवाओं का लाभ लेना है, गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है तो निजी क्षेत्र को भी अधिक भागीदारी और हिस्सेदारी देनी होगी। लेकिन इसका लाभ आमजन को कितना मिलता है ये बड़ा और गंभीर विषय था,है और रहेगा।
इस ओर भी सरकारों का अधिक ध्यान होना बहुत जरूरी है। रोजगारमुखी व्यवस्थाएं आसानी से उपलब्ध हों इसके लिए भी हर सरकार को अधिक संवेदनशील होना बहुत ज़रूरी है। आत्मनिर्भर बनाने के लिए,मुफ्त की जगह कम कीमतों पर ज़रूरी सेवाओं की उपलब्धता सभी वर्ग के लोगों के लिए (खासकर गरीब और मध्यम वर्ग) बहुत ही आवश्यक है।
यदि ऐसा होगा तो गरीब-सामान्य व्यक्ति कम दरों पर जरूरी सेवाओं का लाभ भी ले सकेगा। जैसे स्वास्थ्य,शिक्षा,भोजन एवं यात्रा आदि का लाभ और साथ ही यदि यह सब सेवाएं गुणवत्ता युक्त होंगी तो आमजन, नागरिक का अपने सरकारी सिस्टम के प्रति विश्वास बढ़ेगा और कहीं ना कहीं इससे पूंजीवाद भी नियंत्रण में रहेगा।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
