एक बार फिर पंन्ना का पीएचई विभाग सुर्खियो मे..!
पन्ना जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत दिया मे पीने के साफ़ पानी का इंतजाम नही, दर-दर भटक रहे ग्रामीण।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेहतत्त्वकांशी नल जल योजना जिसके अंतर्गत 2024 तक हर घर में स्वच्छ पेयजल नलों से पहुंचे लेकिन कैसे? क्यूंकि मप्र में तो ये योजना PHE विभाग की उदसीन नीति और भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ रही है और तो और ग्रामीण लोगों का स्वास्थ्य भी ! लुहरहाई पंचायत का मामला ख़त्म भी नहीं हुआ की बगल की पंचायत में भी गंदे पानी पीने को मजबूर ग्रामीण…..
11/सितंबर/2022
पन्ना, संवाददाता सचिन कुमार की रिपोर्ट..
पन्ना जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत दिया मे पीने के साफ़ पानी का इंतजाम नही, दर-दर भटक रहे ग्रामीण।
हैण्ड पम्प तो लगे है गाँव मे लेकिन उनको सुधारने वाला कोई नही है और ना ही कुओं मे दवा डालने वाला वहाँ कोई पहुँचा, ग्रामीण गन्दा पानी पीने के लिये मजबूर। Dirty water
गाँव मे पानी की व्यवस्था के तौर पर एक मोटर डाल कर सप्लाई किया जाता है लेकिन जगह जगह पर वॉल खुले है.. जिससे पानी का प्रेशर नही बन पाता है। लोग गड्डा बना कर पानी भरते है मोटर बंद होने पर मिट्टी कचरा अंदर चला चला जाता है, मिट्टी भी लगातार मिलती रहती है जिससे पानी गन्दा आता है।
इनका कहना- ग्राम पंचायत रामशिरोमणि लोधी का कहना है कि मे पीएचई के इंजी. अवस्थी जी को जानकारी दी लेकिन कोई सुनने वाला नही है। हैंडपम्प ख़राब पड़े है, कुआँ मे किसी प्रकार की दवाओं को नहीं डाला गया है। अब ग्रामीण लोग साफ़ पानी कहाँ से लाये पीने के लिए…
साथ ही ग्राम पंचायत सरपंच ने जानकारी देते हुये बताया कि ‘नल-जल’ योजना के तहत अभी टंकी से पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है और जो गाँव के अंदर बहुत पुरानी लाइन डली है, पाइप पूरी तरह जंग खा चुके है। जब सरपंच ने हस्तक्षेप किया तो इंजी. अवस्थी ने उन्हें बताया कि जहाँ पर पहले से पाइप लाइन डली है वहाँ पर हम फिर से नही डालेंगे उसी से पानी सप्लाई दी जायेगी। Water supply
सरपंच :पड़ोस की पंचयात मे फैली बीमारी को लेकर मे चिंतित हूं, कहीं मेरी पंचयात मे ना फेल जाये। साफ़ पीने के पानी की व्यवस्था हो, लेकिन कोई सुनने वाला नही है।
Author: kesarianews
शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
