चुनाव में वोटिंग से पहले ईवीएम की दो बार होती है जांच

भोपाल। लोकसभा चुनाव के लिए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन
यहां भी मतदान से एक घंटे पहले माकपोल कराया जाएगा। इसके लिए प्रत्याशियों को पूर्व सूचना दी जाएगी ताकि वे इस प्रक्रिया के समय स्वयं उपस्थित रहें या फिर अपने किसी प्रतिनिधि को अधिकृत करके भेजें। चुनाव आयोग यह प्रक्रिया इसलिए करता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इसके साथ ही जागरुकता को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय में ईवीएम और वीवीपैट का प्रदर्शन किया जा रहा है ताकि मतदान प्रक्रिया को समझ सकें।और वोटर वेयरीफायबल पेपर आडिट ट्रेल (वीवीपैट) तैयार हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पहले दौर की जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विधानसभा चुनाव में जिन मशीनों का उपयोग किया गया था, उसका डाटा हटा दिया गया है यानी ये मशीनें अब पूरी तरह से खाली हैं और मतदान के लिए तैयार हैं।
इन्हें वापस स्ट्रांग रूम में रखा जा चुका है और अब ये नाम वापसी के बाद उस समय निकलेंगी, जब प्रत्याशियों का नाम और उनके चुनाव चिह्न का बैलेट पेपर लगाया जाएगा। यह प्रक्रिया भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में संपन्न की जाएगी। इसके बाद फिर मशीन स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दी जाएंगी और मतदान से एक दिन पूर्व निकालकर मतदान दल के साथ संबंधित मतदान केंद्रों पर भेजी जाएंगी।

kesarianews
Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।