वल्लभ भवन में लगी भीषण आग, काबू पाने के प्रयास जारी, सेना बुलाई, जीतू पटवारी धरने पर बैठे

भोपाल। राजधानी में अरेरा हिल्स पर स्थित वल्लभ भवन (मंत्रालय) में तीसरी मंजिल पर शनिवार सुबह आग लग गई। लोगों ने जैसे ही बिल्डिंग की खिड़की से धुआं उठता देखा, तो अफरा-तफरी मच गई। तुरंत इसकी सूचना नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को दी गई। इसके बाद मौके पर दमकल गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। माह का दूसरा शनिवार होने के कारण यहां कम ही कर्मचारी थे। आग पर काबू पाने के लिए नगर निगम के फायर स्टेशनों के अलावा बीएचईएल, एयरपोर्ट और सेना की 100 से ज्यादा दमकलें बुलाई गई। सेना के जवान भी मौके पर पहुंचे। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों और एंबुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया।
दोपहर साढ़े बारह बजे तक आग मुख्यमंत्री के पुराने बैठक कक्ष तक पहुंच चुकी थी। इस इमारत के 45 से अधिक कक्ष आग की चपेट में आ गए हैं। दोपहर करीब 02 बजे तक काफी हद तक आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि अनेक हिस्सों से रह-रहकर धुआं उठता दिखाई दे रहा है। मंत्रालय भवन में यह दूसरी बार आग लगी है। इसके पहले भी छह सात साल पहले भी आग लगी थी।
आग की इस घटना में तीन कर्मचारियों के झुलसने की सूचना है। घायल कर्मचारियों को एंबुलेंस से जेपी अस्पताल भिजवाते हुए भर्ती कराया गया है। इन कर्मचारियों के नाम शिवा, लखन और बबलू हैं। बताया जा रहा है कि आग के बीच बबलू पहले फंसा उसे बचाने लखन राठौरिया अंदर गया और वह झुलस गया।
दोपहर करीब एक बजे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार वल्लभ भवन पहुंचे। इस मौके पर जीतू पटवारी ने कहा कि यह आग लगी नहीं, बल्कि भाजपा सरकार द्वारा लगवाई गई है। आखिर वल्लभ भवन और सतपुड़ा में चार बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन किसी भी घटना की जांच क्यों नहीं कराई गई। इस दौरान वल्लभ भवन परिसर में अंदर जाने से रोके जाने पर दोनों नेताओं की सुरक्षाकर्मियों से बहस भी हुई और वे गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
भोपाल से भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी भी वल्लभ भवन पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह कांग्रेस में भगदड़ मची और उनके नेता पार्टी छोड़ रहे हैं, उससे उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं और वे बौखलाहट में ऐसे ऊटपटांग बयान दे रहे हैं। आग किस वजह से लगी, जांच के बाद इसका कारण सामने आ जाएगा। आग जैसी घटनाओं पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
आग गेट नंबर 5 और 6 के बीच बड़ी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर लगी, जो फैलते हुए चौथे, पांचवें और छठवें फ्लोर तक पहुंच गई। हवा चलने के साथ आग तेजी से फैली। बताया जा रहा है कि दमकल के पांच कर्मचारी फंस गए थे, जिन्हें बाद में निकाल लिया गया। बिल्डिंग से उठती आग की लपटें और धुआं दूर से ही नजर आ रहा था। इस आग में कई अहम सरकारी दस्तावेजों के जलकर खाक होने की आशंका है।
जहां आग लगी है वहां मुख्यमंत्री सचिवालय का रिकार्ड रूम है। मुख्यमंत्री से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज संबधित काम काज यहीं से बैठकर अधिकारी करते है। इसके अलावा यहां राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित अन्य राज्य मंत्रियों का बैठक कक्ष है। एक ओर से काबू पाने की कोशिश हुई तो दूसरी ओर भड़की। मुख्य सचिव वीरा राणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ आइएएस अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग को काबू में करने के लिए सेना को भी बुलाया गया।
इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आग की इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई। जोन-2 डीसीपी श्रद्धा तिवारी ने बताया कि फोर्स तुरंत यहां पहुंच गई थी। जितने भी फायर ब्रिगेड हैं, उनको बुला लिया गया है। दूसरी और तीसरी मंजिल की आग पर काबू पा लिया गया है, चौथे मंजिल पर आग बुझाने की कोशिश जारी है। एसडीआरएफ की टीम अंदर गई हुई है। अगर अंदर कोई भी अंदर फंसा होगा तो उसको निकालने की कार्रवाई जारी है।
वल्लभ भवन में लगी इस आग ने पिछले साल सतपुड़ा भवन में आग की विभीषिका की याद दिला दी। 12 जून 2023 को वल्लभ भवन के नजदीक स्थित सतपुड़ा भवन में भीषण आग लग गई थी। उस आग पर अगले दिन जाकर काबू पाया जा सका था। आग को काबू पाने में 20 दमकलें लगी थी।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।