शिप्रा नदी में कांग्रेस उम्मीदवार महेश परमार ने किया स्नान, नदी में प्रदूषित जल मिलाने का किया विरोध

उज्जैन। उज्जैन के लिए मां शिप्रा जीवनदायिनी हैं। शिप्रा नदी वो नदी है जहाँ भगवान श्रीराम स्वयं अपने पूर्वजों को मोक्ष प्रदान करने के लिए पहुंचे थे। इसीलिए इसे रामघाट भी कहा जाता है। लेकिन, मां शिप्रा को देखकर अब ऐसा लगता है मानों उन्हें खुद अपने उद्धार की आवश्यकता है।
इसी कड़ी में शिप्रा नदी में गंदे नाले का पानी मिलाने के विरोध में कांग्रेस उम्मीदवार महेश परमार नदी में बहने वाले नाले के पानी में बैठ गए। उन्होंने नदी में डुबकी भी लगाई।
इस दौरान महेश परमार ने कहा, ‘पिछले 20 साल से मध्य प्रदेश में और 10 साल से देश में भाजपा की सरकार है। लगातार सालों से इनके सांसद, विधायक और महापौर हैं। भाजपा और शासन प्रशासन के लोग हमें कलंकित कर रहे हैं। 500 करोड़ खर्च करने के बाद भी ये स्थिति है फिर से 600 करोड़ का नया बजट आया है। हमारे भाजपा के सांसद पिछले 5 साल में यहां एक बार भी नहीं आए हैं। धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले लोग कहां हैं?
करीब छह महीने पहले भी रामघाट पर ऐसे ही नाले फूटे थे। इस दौरान जिम्मेदारों ने कहा था कि दोबारा ऐसी घटना नहीं होगी, लेकिन फिर नाले फूटे और मां शिप्रा प्रदूषित हो गई। इससे नाराज कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार सरकार का विरोध करते हुए मां शिप्रा में मिल रहे गंदे नाले के पास बैठ गए। उन्होंने नदी में मिल रहे नाले के पानी से स्नान किया और भगवान सूर्य को जल अर्पित भी किया। इस दौरान उन्होंने शपथ ली कि जब तक मेरे शरीर में प्राण है, तब तक में मां शिप्रा को शुद्ध करने की लड़ाई लड़ता रहूंगा।

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Author: kesarianews

शैलेन्द्र मिश्रा वरिष्ठ पत्रकार एवं फाउंडर – केसरिया न्यूज़। राजनीति, प्रशासन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, निर्भीक और ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।